MCD का बड़ा फैसला: पब्लिक हेल्थ विभाग में भरेंगे खाली पद, दिल्ली के 126 टोल पॉइंट्स होंगे बैरियर-फ्री
MCD स्टैंडिंग कमेटी ने पब्लिक हेल्थ विभाग में भर्ती और 126 टोल पॉइंट्स पर बैरियर-फ्री सिस्टम लागू करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर की नागरिक सुविधाओं और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई है। MCD स्टैंडिंग कमेटी की हालिया बैठक में चेयरपर्सन सत्य शर्मा ने जन कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसमें सबसे बड़ी राहत पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए आई है, जहां अब खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, दिल्ली में प्रवेश करने वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए टोल कलेक्शन के तरीके को पूरी तरह बदलने की तैयारी है।
अब दिल्ली के 126 एंट्री पॉइंट्स पर 'बैरियर-फ्री' टोल कलेक्शन सिस्टम लागू किया जाएगा। इसका मतलब है कि कमर्शियल वाहनों को रोड टैक्स और एनवायरमेंट कंपनसेशन चार्ज (ECC) देने के लिए अब टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। इसके लिए मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा, जिसमें RFID और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) के जरिए चलते वाहनों की पहचान कर ऑटोमैटिक फीस काट ली जाएगी। यह पूरी व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है।
प्रदूषण से जंग: 923 करोड़ से आएंगी आधुनिक मशीनें
दिल्ली की हवा को साफ रखने और सड़कों पर उड़ने वाली धूल को कम करने के लिए MCD ने एक बड़ा निवेश किया है। लगभग 923.57 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के तहत 70 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें (MRSMs) तैनात की जाएंगी। ये मशीनें अगले 10 सालों तक सड़कों की सफाई करेंगी। खास बात यह है कि छोटी मशीनें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी, जबकि बड़ी मशीनें बिजली या CNG से चलने का विकल्प रखेंगी। इस काम को तीन अलग-अलग कंपनियों (लायन सर्विसेज, जीए इंफ्रा-वीएन इंजीनियरिंग और जेएस एनवायरो सर्विसेज) को सौंपा गया है।
बैठक के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों ही तरफ के पार्षदों ने अपने वार्डों की समस्याओं को रखा। सफाईकर्मियों की कमी, सड़कों की मरम्मत और पार्कों के रखरखाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। चेयरपर्सन सत्य शर्मा ने स्पष्ट किया कि स्टैंडिंग कमेटी केवल प्रस्तावों को मंजूरी देने का मंच नहीं है, बल्कि इसका मकसद जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।