यमुना को बचाने की मुहिम: पुरानी दिल्ली में 3 अवैध धोबी घाट सील, MCD की बड़ी कार्रवाई

राजधानी की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में निगम ने पुरानी दिल्ली इलाके में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अवैध धोबी घाटों को सील कर दिया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी सीधे यमुना नदी में मिलने से रोका जा सके।
निगम की टीम ने जब इन धोबी घाटों का निरीक्षण किया, तो वहां कई गंभीर खामियां पाई गईं। जांच में सामने आया कि इन केंद्रों के पास दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) से जरूरी 'कंसेंट टू ऑपरेट' सर्टिफिकेट नहीं था। इतना ही नहीं, यहां इस्तेमाल किए जा रहे साबुन और डिटर्जेंट भी भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नियमों के मुताबिक नहीं थे, जो सीधे तौर पर नदी के पानी को जहरीला बना रहे थे।
नियम तोड़ने वालों पर कसेगा शिकंजा
नगर आयुक्त संजीव खिरवार ने इस मामले की समीक्षा बैठक ली और स्पष्ट किया कि पर्यावरण नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। सीलिंग के बाद अब MCD ने इन अवैध यूनिट्स की बिजली और पानी की सप्लाई काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके लिए BSES और दिल्ली जल बोर्ड को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया गया है।
यह पूरी कार्रवाई 'चलो यमुना' अभियान के ठीक बाद हुई है, जिसमें 18 अक्टूबर को करीब 35 हजार वॉलिंटियर्स ने नदी किनारे 70 जगहों से 76 हजार किलोग्राम से ज्यादा कचरा साफ किया था। प्रशासन ने अब धोबी घाट संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे गंदा पानी नालों या नदी में न बहाएं।
वहीं, यमुना की स्थिति सुधारने के लिए बड़े स्तर पर प्रोजेक्ट्स भी लाए जा रहे हैं। जल मंत्री परवेश साहिब सिंह के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 अक्टूबर को दिल्ली जल बोर्ड की 8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। MCD ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी अवैध धोबी घाट चल रहा है, तो उसकी सूचना तुरंत जोनल ऑफिस में दें।