प्रदूषण के खिलाफ MCD का एक्शन: दिल्ली के वेस्ट जोन में 3 औद्योगिक इकाइयां सील
MCD ने प्रदूषण नियमों की अनदेखी करने वाली 3 इंडस्ट्रियल यूनिट्स को सील किया और बिजली कनेक्शन काटे। जानें पूरी कार्रवाई।

राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। MCD pollution enforcement drive के तहत नगर निगम ने वेस्ट जोन में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन औद्योगिक इकाइयों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई 24 अक्टूबर 2026 को की गई, जिसमें न केवल फैक्ट्रियों को बंद किया गया, बल्कि उनके बिजली कनेक्शन भी काट दिए गए हैं।
यह संयुक्त अभियान ब्रह्मपुरी और चंचल पार्क इलाकों में चलाया गया। टीम ने कुंवर सिंह नगर के वार्ड नंबर 110 और बपरोला के वार्ड नंबर 111 में सघन निरीक्षण किया। इस ऑपरेशन में MCD के साथ राजस्व विभाग, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC), BSES और दिल्ली पुलिस की टीमें शामिल थीं। कुल सात जगहों की जांच की गई, जिनमें छह औद्योगिक इकाइयां और एक गोदाम था। जांच के दौरान तीन यूनिट्स में नियमों की भारी अनदेखी पाई गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत सील कर दिया गया।
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कड़े कदम
MCD इस दिशा में लंबे समय से काम कर रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, 1 दिसंबर 2025 से 30 सितंबर 2026 के बीच गैर-अनुरूप औद्योगिक क्षेत्रों में 11,273 इकाइयों का सर्वे किया गया था। इसमें 2,299 इकाइयां नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं, जिनमें से 1,557 को बंद किया गया। खास बात यह है कि वेस्ट जोन में जल प्रदूषण के उल्लंघन के सबसे ज्यादा मामले (146 इकाइयां) सामने आए थे।
MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने स्पष्ट किया है कि हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निगरानी और प्रवर्तन को जारी रखना जरूरी है। इसके लिए 334 टीमें तैनात हैं और 1 अक्टूबर से एक AI-आधारित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी काम कर रहा है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनिंदर सिंह सिरसा ने चेतावनी दी है कि जो संस्थान प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि 1 अक्टूबर से अब तक राजधानी में 2,200 से ज्यादा गैर-अनुपालन वाली औद्योगिक इकाइयों को सील किया जा चुका है। यह पूरी मुहिम दिल्ली सरकार के 2026-27 विंटर एक्शन प्लान और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के नए निर्देशों के तहत की जा रही है, जिसमें पार्टिकुलेट मैटर उत्सर्जन मानकों को 80 से घटाकर 50 मिलीग्राम प्रति नॉर्मल क्यूबिक मीटर कर दिया गया है।