प्रदूषण पर MCD का बड़ा प्रहार, दिल्ली में 1557 अवैध फैक्ट्रियां सील

Kittu Kumari11 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
प्रदूषण पर MCD का बड़ा प्रहार, दिल्ली में 1557 अवैध फैक्ट्रियां सील

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नगर निगम (MCD) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। दिल्ली के 12 अलग-अलग जोन में चलाए गए सघन अभियान के दौरान MCD ने कुल 1,557 अवैध औद्योगिक इकाइयों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई तब की गई जब यह बात सामने आई कि शहर की 20 प्रतिशत से अधिक अवैध फैक्ट्रियां प्रदूषण फैलाने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं।

सिर्फ फैक्ट्रियां ही नहीं, बल्कि अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने वालों पर भी निगम का डंडा चला है। 6 अक्टूबर से 10 अक्टूबर के बीच चलाए गए अभियान में 282 संपत्तियों को सील किया गया और 47 खतरनाक ढांचों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। उदाहरण के तौर पर, 7 अक्टूबर को स्वरूप नगर के वार्ड नंबर 19 में हवा प्रदूषित करने वाली दो इकाइयों और आउटर नॉर्थ जोन में आठ औद्योगिक इकाइयों पर कड़ी कार्रवाई की गई।

प्रदूषण रोकने के लिए सख्त कदम और निर्माण पर रोक

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि मास्टर प्लान और बिल्डिंग बाय-लॉज का पालन करना अनिवार्य है, क्योंकि नागरिकों की सुरक्षा और स्वच्छ हवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कड़ी में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने धूल नियंत्रण उपायों में लापरवाही बरतने पर दिल्ली जल बोर्ड, NHAI, DMRC और NBCC जैसी बड़ी संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन अब तकनीक का सहारा ले रहा है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए AI कैमरों और डस्ट मॉनिटरिंग पोर्टल से निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा, विंटर पॉल्यूशन एक्शन प्लान के तहत 1 अक्टूबर से 'नो PUC, नो फ्यूल' पहल शुरू की गई है। साथ ही, सर्दियों में हवा की गुणवत्ता को बिगड़ने से बचाने के लिए 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की तैयारी है।

पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन करने वाले उद्योगों को सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा, लेकिन उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिजली काटने और भारी पर्यावरणीय मुआवजा वसूलने जैसी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

Share:

Comments

Leave a comment