एमसीडी स्कूलों का डिजिटल कायाकल्प: 1500 स्कूलों में मिलेंगे प्रिंटर, टैगोर गार्डन में खुला रोबोटिक्स लैब

दिल्ली के नगर निगम (MCD) स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अब पढ़ाई का अंदाज बदलने वाला है। शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एमसीडी ने एक बड़ी मुहिम शुरू की है। इसके तहत शहर के 1500 स्कूलों में प्रिंटरों का वितरण शुरू कर दिया गया है, ताकि शिक्षकों को परीक्षा पेपर और स्टडी मटेरियल तैयार करने में आसानी हो। यह पूरी पहल आईडीबीआई बैंक के सहयोग से पूरी की जा रही है।
सिर्फ कागजों तक ही सीमित नहीं, एमसीडी अब बच्चों को भविष्य की तकनीक से भी जोड़ रहा है। शुक्रवार को टैगोर गार्डन स्थित एक नगर निगम स्कूल में अत्याधुनिक रोबोटिक्स लैब का उद्घाटन किया गया। इस लैब के जरिए छात्र कोडिंग, रोबोटिक्स और विज्ञान के कठिन सिद्धांतों को प्रैक्टिकल तरीके से सीख सकेंगे। साथ ही, बच्चों में वैज्ञानिक जिज्ञासा जगाने के लिए स्कूल के म्यूजियम का लाभ ज्यादा से ज्यादा छात्रों तक पहुँचाने की रणनीति भी तैयार की जा रही है।
'साइंस ऑन व्हील्स' और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
डिजिटल डिवाइड को खत्म करने के लिए एमसीडी ने 'साइंस ऑन व्हील्स' वैन की शुरुआत की है। यह वैन 60 लैपटॉप से लैस है और एक तय शेड्यूल के मुताबिक अलग-अलग स्कूलों का दौरा करेगी, जिससे उन बच्चों को भी तकनीक सीखने का मौका मिलेगा जिनके पास संसाधनों की कमी है।
इसके अलावा, साल 2026-27 के लिए सीएसआर (CSR) फंड के जरिए स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को सुधारने की योजना है। इसमें कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं:
- नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL): करीब 20 लाख रुपये की लागत से 350 ट्री गार्ड, 100 बेंच, 9 वाटर कूलर और RO यूनिट्स लगाए जाएंगे।
- रामगुंडम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (RFCL): 25 लाख रुपये की लागत से 250 लोहे की बेंच उपलब्ध कराई जाएंगी।
- हिंदुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड (HURL): 13 लाख रुपये की लागत से 20 वाटर कूलर और 20 RO यूनिट्स लगाए जाएंगे।
शिक्षा समिति के चेयरमैन एडवोकेट योगेश वर्मा ने बताया कि उनका लक्ष्य शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उसे व्यावहारिक बनाना है। रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन और मेयर प्रवेश वाही के सहयोग से यह प्रयास किया जा रहा है कि हर एमसीडी छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं मिलें।