MCD स्कूलों की बदलेगी सूरत: 50 हजार नए एडमिशन का लक्ष्य, हर स्कूल में लगेंगे स्मार्ट बोर्ड
MCD स्कूलों की तस्वीर बदलने की तैयारी! 50 हजार नए एडमिशन का लक्ष्य और हर स्कूल में लगेंगे स्मार्ट बोर्ड। जानिए क्या है पूरा प्लान।

दिल्ली नगर निगम (MCD) के स्कूलों में अब पढ़ाई का स्तर और बुनियादी सुविधाएं काफी बेहतर होने वाली हैं। शिक्षा समिति की हालिया बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इस मुहिम के तहत MCD स्कूल नए एडमिशन के लिए 50,000 बच्चों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए हर स्कूल को इस महीने कम से कम 30 नए छात्रों का नामांकन करने के निर्देश दिए गए हैं।
समिति के अध्यक्ष एडवोकेट योगेश वर्मा ने साफ किया कि मकसद MCD स्कूलों को उत्कृष्टता के केंद्र बनाना है, ताकि माता-पिता गर्व के साथ अपने बच्चों को यहां भेज सकें। केवल दाखिले ही नहीं, बल्कि पढ़ाई के तरीके को भी डिजिटल बनाया जा रहा है। अब हर संबंधित स्कूल में पांच स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि बच्चे आधुनिक तकनीक के जरिए सीख सकें।
सुविधाओं में सुधार और अनुशासन पर जोर
सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि स्कूलों की बुनियादी जरूरतों पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। अगले एक महीने के भीतर सभी स्कूलों में बेहतर टॉयलेट सुविधाएं और नए वॉटर कूलर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, जरूरी मरम्मत कार्यों के लिए 'माइनर रिपेयर फंड' की प्रक्रिया को 15 दिनों के भीतर पूरा करने को कहा गया है।
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी, जो नैतिक मूल्यों, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने पर रिपोर्ट सौंपेगी। इसके अलावा, स्कूलों को 'जीरो-वेस्ट कैंपस' बनाने के लिए एरोबिक बिन या ऑर्गेनिक वेस्ट प्रोसेसिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक सुधारों की बात करें तो, शिक्षकों के तबादलों में पारदर्शिता लाने के लिए अब ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू की जाएगी। साथ ही, स्कूलों में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए करीब 2,800 मल्टी-टास्किंग स्टाफ की भर्ती पर चर्चा हुई है, जिसकी फाइल जल्द ही पेश की जाएगी। फाइलों के प्रबंधन के लिए अब ई-ऑफिस सिस्टम का इस्तेमाल अनिवार्य होगा ताकि काम में तेजी आए और जवाबदेही तय हो सके।