MCD का बड़ा प्लान: दिल्ली के स्कूलों में 50,000 नए बच्चों के दाखिले के लिए शुरू हुआ अभियान
दिल्ली नगर निगम ने 'स्कूल चलो अभियान' के जरिए 50,000 नए छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। जानें कैसे होगा यह पूरा प्लान।

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। निगम अब अपने स्कूल नेटवर्क में 50,000 नए छात्रों के एडमिशन कराने की तैयारी में है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग ने 'स्कूल चलो अभियान' को और अधिक प्रभावी बना दिया है। प्रशासन ने यह तय किया है कि इस महीने के भीतर हर स्कूल को कम से कम 30 नए छात्रों का दाखिला सुनिश्चित करना होगा।
इस अभियान को जमीन पर उतारने के लिए शिक्षकों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब हर शनिवार को शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से मिलेंगे, उन्हें स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताएंगे और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। खास बात यह है कि इस प्रयास को प्रोत्साहित करने के लिए एमसीडी ने इनाम की भी घोषणा की है। जो शिक्षक 75 नए एडमिशन कराने में सफल होंगे, उन्हें 'नगर निगम शिक्षक पुरस्कार' के लिए विचार किया जाएगा।
बेहतर बुनियादी ढांचा और नैतिक शिक्षा पर जोर
शिक्षा समिति की बैठक में चेयरमैन योगेश वर्मा ने साफ किया कि निगम केवल संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, खेलकूद और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी केंद्रित है। इसी कड़ी में कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं:
- नैतिक शिक्षा: विशेषज्ञों की एक टीम बनाई जाएगी जो बच्चों के लिए नागरिक कर्तव्यों, अनुशासन, पर्यावरण जागरूकता और नैतिकता पर आधारित एक फ्रेमवर्क तैयार करेगी। इसकी रिपोर्ट एक महीने में सौंपी जाएगी।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार: अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्लासरूम, टॉयलेट, पीने के पानी और बिजली की व्यवस्थाओं की जांच कर जल्द से जल्द उनकी मरम्मत करवाएं।
- स्टाफ की भर्ती: स्कूलों में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए करीब 3,000 नए कर्मियों की भर्ती का प्रस्ताव तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें सुरक्षा और स्वच्छता के लिए 2,800 मल्टी-टास्किंग स्टाफ शामिल होंगे।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार और एमसीडी पिछले कुछ समय से शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। हाल ही में 24 प्राथमिक स्कूलों को 'निगम श्री विद्यालय' के रूप में अपग्रेड कर वहां 3D लैब लगाने की घोषणा की गई थी। साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए आधुनिक सुविधाएं, यूनिफॉर्म और बैग के लिए वित्तीय सहायता जैसे कदम भी उठाए गए हैं, ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।