एमसीडी ने शाहीन बाग के खतरनाक खुले नाले को ढकने के लिए 4 करोड़ रुपये मंजूर किए

एमसीडी ने शाहीन बाग नाला कवर करने के लिए 4 करोड़ रुपये मंजूर किए
नगर निगम (एमसीडी) ने शाहीन बाग में एक खुले खतरनाक नाले को ढकने के लिए आधिकारिक तौर पर 4 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। यह फैसला लंबे समय से चल रही नागरिक समस्याओं और सुरक्षा जोखिमों के बाद लिया गया है। यह परियोजना जामिया नगर पुलिस स्टेशन से शाहीन बाग पुलिस स्टेशन तक जाने वाले नाले के हिस्से को ठीक करेगी। स्थानीय पार्षद अरीबा खान ने सोशल मीडिया के जरिए इस परियोजना की मंजूरी की पुष्टि की है, जिससे बुनियादी ढांचे की पुरानी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी।
मीडिया रिपोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट का दखल
यह पहल The Times of India द्वारा 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित 'Swimming to Shaheen Bagh: Key Okhla road turns into open sewer' शीर्षक वाली रिपोर्ट के बाद शुरू हुई, जिसने इलाके में गंदे पानी और जलभराव पर लोगों का ध्यान खींचा था। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले पर खुद संज्ञान लिया। जनवरी 2026 के एक आदेश में जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने खुले नाले से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य और सुरक्षा खतरों को रेखांकित किया था। अदालत ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) को तुरंत निरीक्षण करने, लीक के स्रोतों का पता लगाने और एमसीडी तथा लोक निर्माण विभाग (PWD) के साथ मिलकर जरूरी मरम्मत करने का निर्देश दिया था।
निवासियों की परेशानियां और अदालत का नया आदेश
स्थानीय लोगों को वाहन खराब होने और बार-बार होने वाली दुर्घटनाओं जैसी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। अगस्त 2026 की एक ऐसी ही घटना में 40 फीट चौड़ी सड़क पर बारिश के पानी और सीवेज से भरे एक गहरे गड्ढे से एक स्कूटर निकाला गया था। रखरखाव की जिम्मेदारी को लेकर आपसी उलझन और उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) की जरूरत के कारण काम में रुकावट आई थी। इसके बाद अगस्त 2026 में हाई कोर्ट ने फिर से दखल दिया। अदालत ने एमसीडी को एनओसी की देरी को दरकिनार करते हुए तुरंत एक सेपरेटर दीवार बनाने और नाले को ढकने का काम आगे बढ़ाने का आदेश दिया ताकि लोगों को तुरंत खतरे से बचाया जा सके।