MCD का बड़ा फैसला: 7,603 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी होंगे नियमित, सैलरी में होगी भारी बढ़ोतरी

Kittu Kumari19 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
MCD का बड़ा फैसला: 7,603 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी होंगे नियमित, सैलरी में होगी भारी बढ़ोतरी

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अपने हजारों कर्मचारियों के लिए खुशियों की सौगात दी है। निगम प्रशासन ने घोषणा की है कि अगले तीन महीनों के भीतर 7,603 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। सिविक सेंटर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मेयर प्रवेश वाही ने यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस दिशा में काम शुरू हो चुका है और पिछले दो महीनों में ही 1,467 कर्मचारियों को नियमित किया जा चुका है।

इस फैसले का सबसे बड़ा असर कर्मचारियों की जेब पर पड़ेगा। नियमित होने के बाद इन कर्मचारियों की मासिक सैलरी 18,500 रुपये से बढ़कर लगभग 50,000 रुपये हो जाएगी। खास बात यह है कि साल 2006 से 2008 के बीच नियुक्त हुए कर्मचारियों को करीब 25 लाख रुपये का एरियर भी मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, दिवाली तक अन्य 400 दैनिक वेतनभोगियों की स्थिति भी स्पष्ट कर ली जाएगी।

परिजनों को नौकरी और वेतन वृद्धि का लाभ

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MCD ने केवल नियमितीकरण ही नहीं, बल्कि मानवीय आधार पर भी बड़ा कदम उठाया है। अब मृतक अनुबंध कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाएगी। मेयर ने बताया कि पिछले दो महीनों में इस नीति के तहत 109 नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। साथ ही, 4,400 मल्टी-टास्किंग स्टाफ की सैलरी 18,500 रुपये से बढ़ाकर 28,600 रुपये कर दी गई है, जिसका भुगतान अधिकांश जोन में हो चुका है और बाकी डीबीटी के जरिए 23 अक्टूबर तक कर दिया जाएगा।

प्रशासनिक सुधारों की कड़ी में 111 असिस्टेंट सैनिटेशन इंस्पेक्टर्स को प्रमोट कर सैनिटेशन इंस्पेक्टर बनाया गया है। स्टैंडिंग कमेटी की चेयरपर्सन सत्या शर्मा ने संकेत दिए हैं कि इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों में लंबे समय से कम वेतन पर काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए भी जल्द चर्चा होगी।

कर्मचारियों के अलावा आम जनता के लिए भी राहत की खबर है। अब EWS आवासीय प्लॉटों के बिल्डिंग प्लान की मंजूरी प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है। प्लॉट मालिक अब 32 वर्ग मीटर तक के प्लॉटों को मिलाकर 64 वर्ग मीटर तक का घर बना सकेंगे। इन नक्शों की मंजूरी अब सीधे जोनल स्तर पर ही मिल जाएगी, जिससे फाइलों के लिए स्टैंडिंग कमेटी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और काम में तेजी आएगी।

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