दिल्ली को कचरा मुक्त बनाने की तैयारी, MCD ने आयोजित किया 'रिफॉर्म उत्सव 2026'

राजधानी दिल्ली को पूरी तरह स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने की दिशा में दिल्ली नगर निगम (MCD) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को केदारनाथ सहनी ऑडिटोरियम में 'रिफॉर्म उत्सव 2026: जीरो वेस्ट कॉलोनीज एंड आरडब्ल्यूए प्रोग्राम' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की कॉलोनियों में कचरे के सही प्रबंधन को बढ़ावा देना और लोगों को कचरा अलग-अलग करने (सोर्स सेग्रीगेशन) के लिए प्रेरित करना था।
इस खास मौके पर DEMS कमेटी के चेयरमैन संदीप कपूर और म्युनिसिपल कमिश्नर संजीव खिरवार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उन 823 कॉलोनियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिन्हें पहले ही 'जीरो वेस्ट' घोषित किया जा चुका है। साथ ही, 400 से अधिक ऐसी कॉलोनियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs) को आमंत्रित किया गया, जो भारी मात्रा में कचरा पैदा करते हैं। इन सभी ने MCD के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, ताकि वे भी जल्द ही जीरो वेस्ट स्टेटस हासिल कर सकें।
लैंडफिल का बोझ कम करने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संदीप कपूर ने कहा कि दिल्ली की स्वच्छता सुधारने के लिए MCD ने कई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर कचरे को शुरुआत में ही अलग-अलग किया जाए, तो उसका प्रबंधन आसान हो जाता है। कपूर ने कहा कि हमारा लक्ष्य 'जीरो वेस्ट टू लैंडफिल' है, यानी ऐसा सिस्टम बनाना जिससे लैंडफिल साइट्स तक कचरा पहुँचना कम हो जाए और विकेंद्रीकृत तरीके से कचरे का निपटारा किया जा सके।
वहीं, म्युनिसिपल कमिश्नर संजीव खिरवार ने आरडब्ल्यूए और जीरो वेस्ट कॉलोनियों को भरोसा दिलाया कि निगम उन्हें हर संभव मदद देगा। उन्होंने बताया कि सभी वार्डों में सफाई संसाधनों को बढ़ाया जा रहा है ताकि कचरा संग्रहण और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने यह भी वादा किया कि आरडब्ल्यूए द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
इस अभियान में 'व्हाई वेस्ट वेडनेसडे फाउंडेशन', IPCA, इकोप्रबंधन, उबंटू और स्वच्छ अधिकार जैसे कई गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) ने भी हिस्सा लिया और अपने सुझाव साझा किए। कार्यक्रम में एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर प्रसन्ना रामास्वामी सहित विभिन्न जोन के डिप्टी कमिश्नर भी उपस्थित रहे। यह पूरा आयोजन इस बात का प्रमाण था कि जब नागरिक, आरडब्ल्यूए और प्रशासन एक साथ मिलते हैं, तभी दिल्ली को कचरा मुक्त बनाना संभव है।