रामलीला मैदान में विरोध प्रदर्शन के लिए MCD ने जारी की नई SOP, अब मुफ्त में होगी बुकिंग

जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई किए जाने के बाद, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने रामलीला मैदान के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब प्रदर्शनकारी और संगठन इस मैदान को विरोध प्रदर्शनों के लिए मुफ्त में बुक कर सकेंगे। यह कदम शहर में लोकतांत्रिक विरोध के लिए एक व्यवस्थित व्यवस्था बनाने की कोशिश है, ताकि प्रदर्शनकारियों को परेशानी न हो।
बुकिंग के लिए जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया
रामलीला मैदान की बुकिंग के लिए आयोजकों को अब एक तय प्रक्रिया (SOP) का पालन करना होगा। इसके लिए आवेदन सिटी-सदर पहाड़गंज जोन ऑफिस में जमा करना होगा। आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज देना अनिवार्य है:
- संस्था का आधिकारिक लेटरहेड।
- आवेदक के आधार कार्ड की कॉपी।
- दिल्ली पुलिस से प्राप्त अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC)।
इसके अलावा, डिप्टी कमिश्नर की मंजूरी के लिए 5,000 रुपये की रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करनी होगी। गौरतलब है कि 12 एकड़ में फैला यह मैदान करीब 50,000 लोगों की क्षमता रखता है। मैदान की मांग इतनी ज्यादा है कि साल 2026 के लिए केवल 29, 30 और 31 दिसंबर की तारीखें ही खाली बची हैं। वहीं, 150 लोगों तक की छोटी सभाओं के लिए एक निर्धारित हिस्सा मुफ्त में उपलब्ध कराया गया है।
दूसरी ओर, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) अभी तक अपने विरोध प्रदर्शन स्थलों (बुरारी ग्राउंड और शाहदरा का CBD ग्राउंड) के लिए कोई औपचारिक नियम नहीं बना पाया है। फिलहाल DDA की वेबसाइट पर प्रदर्शनों के लिए कोई अलग कैटेगरी नहीं है और वहां व्यावसायिक दरें लागू हैं, जो एक दिन के लिए करीब 1.87 लाख रुपये तक जा रही हैं। DDA अधिकारियों ने माना है कि ये दरें विरोध प्रदर्शनों के लिए सही नहीं हैं और अब इसके लिए नई पॉलिसी बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
यह पूरा मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि दिल्ली हाई कोर्ट ने सार्वजनिक मैदानों के लिए 'पहले आओ-पहले पाओ' की नीति को असंवैधानिक करार दिया था और पारदर्शी दिशा-निर्देश बनाने को कहा था। साथ ही, जंतर मंतर को बंद करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है, जिस पर कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।