दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में प्रॉपर्टी नियमितीकरण शुल्क में भारी कटौती, MCD ने दी बड़ी राहत

नगर निगम दिल्ली (MCD) ने प्रधानमंत्री-अनधिकृत कॉलोनियों में दिल्ली आवास अधिकार योजना (PM-UDAY) के तहत प्रॉपर्टी नियमितीकरण शुल्क में भारी कटौती की है। इस कदम से उन निवासियों की बड़ी राहत मिली है जो पहले उच्च वित्तीय बाधाओं के कारण अपने घरों के मालिकाना हक के लिए आवेदन नहीं कर रहे थे।
- MCD ने नियमितीकरण शुल्क में बड़ी कटौती की है।
- यह प्रक्रिया PIB रिलीज के अनुसार "जैसा है, जहाँ है" के आधार पर होगी।
- निवासी जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी, बिक्री समझौते और कब्जे के कागजात के आधार पर मालिकाना हक, ट्रांसफर और गिरवी रखने के अधिकार प्राप्त कर सकते हैं।
- नियमितीकरण की प्रक्रिया SWAGAM पोर्टल के माध्यम से संचालित है, जो 24 अप्रैल, 2026 को लॉन्च किया गया था।
नियमितीकरण शुल्क और छूट
पहले, 100 वर्ग मीटर के प्लॉट के लिए अनुमानित 3-4 लाख रुपये का शुल्क शुल्क था, जिसे कम किया गया है। 20 अगस्त, 2026 को जारी एक सर्कुलर के अनुसार, 6 अप्रैल, 2026 तक मौजूद संरचनाओं के लिए परमिट फीस, बेटरमेंट लेवी और प्लिंथ फीस जैसी विशिष्ट शुल्क को माफ कर दिया गया है। हालांकि, कॉम्पेन्सेटरी रेगुलेटरी फीस, डेवलपमेंट चार्ज और प्रशासनिक लागत अभी भी लागू रहेंगे।
नियोजन और प्रतिबंध
यह नीति लगभग 45 लाख निवासियों को लाभ पहुँचाने का PM-UDAY योजना योजना है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों को इस योजना से बाहर रखा गया है, जैसे संरक्षित वन, पुरातत्व स्थल, यमुना floodplain (Zone-O) और हाई-टेंशन लाइनों के पास की जमीन। इसके अलावा, 69 समृद्ध अनधिकृत कॉलोनियों को भी इस कार्यक्रम से बाहर रखा गया है। यदि कोई मौजूदा संरचना दिल्ली मास्टर प्लान में निर्दिष्ट Floor Area Ratio (FAR) से अधिक है, तो उस पर तीन गुना दंडात्मक FAR शुल्क लगेगा।
समय सीमा और निगरानी निगरानी
दिल्ली सरकार ने कन्वेयंस डीड और अथॉरिटी स्लिप के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर, 2026 तय की है। नियमितीकरण के बाद, इन क्षेत्रों में किसी भी नए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी जाएगी और इसकी निगरानी ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से की जाएगी।