जानवरों के काटने का डर होगा कम, MCD खरीदेगी 98,500 एंटी-रेबीज वैक्सीन डोज
दिल्ली में जानवरों के काटने के मामलों से निपटने के लिए MCD ने एंटी-रेबीज वैक्सीन की खरीद को मंजूरी दी है। जानें पूरी योजना।

दिल्ली में आवारा कुत्तों, बंदरों और बिल्लियों के काटने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने एक बड़ा कदम उठाया है। निगम ने शहर में समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए 98,500 एंटी-रेबीज वैक्सीन की शीशियों (vials) की खरीद को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि किसी भी पशु हमले के बाद पीड़ित को तुरंत इलाज मिल सके और रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी के खतरे को टाला जा सके।
नगर निगम की इस पूरी रणनीति के तहत अगले दो वर्षों की जरूरत को देखते हुए कुल 1.20 लाख वैक्सीन डोज जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में हर साल लगभग 60,000 शीशियों की जरूरत पड़ती है। इसी योजना के तहत मई 2026 में पहले ही 21,500 डोज की खरीद की जा चुकी है, जिसके बाद अब बाकी की मात्रा को मंजूरी दी गई है। इस पूरे दो साल के रेट कॉन्ट्रैक्ट की अनुमानित कीमत करीब 2.52 करोड़ रुपये है।
अस्पतालों और हेल्थ सेंटर्स में होगा वितरण
इन वैक्सीन डोज को खरीदने के बाद MCD के नेटवर्क में आने वाले चार बड़े अस्पतालों और 25 स्वास्थ्य केंद्रों में वितरित किया जाएगा। MCD स्थायी समिति की चेयरपर्सन सत्य शर्मा ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि निगम का प्राथमिक उद्देश्य पशु हमलों के शिकार लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी चिकित्सा केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की कमी न हो।
गौरतलब है कि साल 2025 में दिल्ली में कुत्तों के काटने के करीब 60,000 से 70,000 मामले दर्ज किए गए थे, जो एक चिंताजनक आंकड़ा है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए MCD ने अपने 2026-27 के बजट में करीब 35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि का उपयोग आवारा कुत्तों की माइक्रोचिपिंग और उनके टीकाकरण के लिए किया जाएगा, ताकि शहर में पशु प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सके।