प्रदूषण पर MCD की बड़ी कार्रवाई: रोहिणी जोन में सबसे ज्यादा 303 चालान काटे गए
दिल्ली नगर निगम ने प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ अभियान तेज किया है। रोहिणी जोन में सबसे ज्यादा 303 चालान काटे गए। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अब कमर कस ली है। निगम ने प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में 4 नवंबर 2026 को रोहिणी जोन में सबसे बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, जहाँ निगम की टीम ने कुल 303 चालान काटे। यह संख्या दिल्ली के सभी 12 जोन में सबसे अधिक रही।
बता दें कि निगम का यह अभियान पिछले कुछ दिनों से काफी तेज है। इससे पहले 2 नवंबर को 914 और 3 नवंबर को 817 चालान जारी किए गए थे। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निगम ने एक बड़ी फौज मैदान में उतारी है। करीब 700 MCD अधिकारियों और दिल्ली सरकार के 500 कर्मचारियों सहित कुल 1,200 से अधिक कर्मियों को 24 घंटे गश्त (पेट्रोलिंग) पर लगाया गया है।
इन गलतियों पर हो रही है सख्त कार्रवाई
निगम की टीमें मुख्य रूप से उन गतिविधियों पर नजर रख रही हैं जिनसे हवा जहरीली होती है। इसमें खुले में कचरा जलाना, निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के उपायों (dust-suppression protocols) की अनदेखी करना और निर्माण एवं विध्वंस मलबे की अवैध डंपिंग करना शामिल है। इन गलतियों को पकड़ने पर तुरंत चालान किया जा रहा है।
इसके अलावा, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक धूल उड़ाने वाले विध्वंस और बाहरी निर्माण कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। इसी दौरान सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क-फ्रॉम-होम अनिवार्य किया गया है। ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए MCD दफ्तर सुबह 8:30 से शाम 5:00 बजे तक और दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10:00 से शाम 6:30 बजे तक काम कर रहे हैं।
वाहनों के उत्सर्जन पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। पेट्रोल पंपों पर 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम को ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम के जरिए लागू किया जा रहा है। साथ ही, दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर भी पाबंदी है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिदिन शाम 5 बजे तक अपनी अनुपालन रिपोर्ट जमा करें।