हर वार्ड में बनेंगे महिलाओं के लिए 'पिंक पार्क', MCD उठाएगी सुरक्षा कदम

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर की महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब दिल्ली के हर वार्ड में महिलाओं के लिए समर्पित 'पिंक पार्क' विकसित किए जाएंगे। यह कदम सितंबर 2026 में आस्था कुंज पार्क में हुई गैंगरेप की दर्दनाक घटना के बाद उपजे जन आक्रोश और सुरक्षा चिंताओं के बीच उठाया गया है।
इन पार्कों को खास तौर पर महिलाओं की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया जाएगा। योजना के मुताबिक, इन पार्कों के प्रवेश और निकास द्वारों पर महिला सुरक्षा गार्ड तैनात होंगे और पूरी परिसर में CCTV कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। साथ ही, यहाँ ओपन जिम, अलग वॉशरूम और चेंजिंग रूम की सुविधा होगी। इन पार्कों को पिंक थीम पर सजाया जाएगा और यहाँ महिला सशक्तिकरण से जुड़े स्लोगन भी लिखे जाएंगे। इसके अलावा, साफ-सफाई और रेनवाटर हार्वेस्टिंग का भी खास ख्याल रखा जाएगा।
सुरक्षा ऑडिट और बुनियादी सुधारों पर जोर
एमसीडी स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्य शर्मा ने अधिकारियों को सभी नगर निगम क्षेत्रों में सर्वे करने और उपयुक्त जगहों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। यह पहल उप-राज्यपाल तरणजीत सिंह संधू के उन निर्देशों के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर पार्कों की फेंसिंग, लाइटिंग और एक्सेस कंट्रोल को बेहतर बनाने की बात कही थी। इसी कड़ी में एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार ने बताया कि एक एकड़ से बड़े लगभग 1,000 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है।
हालांकि, इस योजना को लेकर काफी विवाद भी खड़ा हो गया है। आलोचकों का कहना है कि मार्च 2022 में माता सुंदर रोड के पास करीब 25 लाख रुपये की लागत से एक पायलट पिंक पार्क बनाया गया था, जो अब बदहाल स्थिति में है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या नए पार्कों का रखरखाव सही ढंग से हो पाएगा?
सेफटीपिन की सीईओ कल्पना विश्वनाथ ने इस अवधारणा की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार का मकसद सभी सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाना होना चाहिए, न कि उन्हें अलग घेरों में सीमित करना। वहीं, ईस्ट दिल्ली RWA जॉइंट फ्रंट के बी.एस. वोहरा ने भी सुझाव दिया कि नए प्रोजेक्ट्स बनाने के बजाय मौजूदा बुनियादी ढांचे को सुरक्षित और दुरुस्त करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।