एमसीडी का बड़ा खुलासा: पिछले तीन सालों में पार्किंग ऑपरेटरों पर 80 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया

दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, एमसीडी का पिछले तीन साल में पार्किंग ऑपरेटरों पर 80 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया हो गया है। इस बात का खुलासा गुरुवार को सिविक सेंटर में हुई स्थायी समिति की बैठक के दौरान हुआ। यह जानकारी भाजपा पार्षद और समिति के सदस्य हेम चंद गोयल द्वारा पूछे गए एक अल्पसूचना प्रश्न के जवाब में दी गई। भुगतान न होने के बावजूद, एमसीडी के पास ठेकेदारों की लगभग 109 करोड़ रुपये की अग्रिम सुरक्षा राशि जमा है। अधिकारियों ने बताया कि निगम ने लगातार डिफॉल्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके तहत नोटिस जारी करने, सुरक्षा राशि जब्त करने और अनुबंध रद्द करने जैसे कदम उठाए गए हैं। यह आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब एमसीडी अपने पार्किंग ढांचे में बड़ा बदलाव कर रही है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पार्किंग स्थलों से होने वाला राजस्व गिरकर 137.17 करोड़ रुपये रह गया है। इस गिरावट की वजह अनुबंध बदलते समय राजस्व का रिसाव और डिफॉल्ट को लेकर चल रहे विवाद बताए गए हैं। ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने और निगम की आय बढ़ाने के लिए, एमसीडी घनी आबादी और कमर्शियल इलाकों में 83 नई पार्किंग साइट्स विकसित कर रही है। निगम ने इनमें से 34 स्थानों के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं, जबकि बाकी साइट्स के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया नवंबर तक पूरी होने की उम्मीद है। वर्तमान में 374 चालू पार्किंग साइट्स हैं, जिनमें से 25 के अनुबंध समाप्त हो चुके हैं और उनके लिए दोबारा टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा, 155 अन्य साइटों के नवीनीकरण या री-टेंडर की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में अटकी हुई है।