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दिल्ली में कचरा समस्या होगी खत्म! MCD और Oil India मिलकर बनाएंगे दो Bio-CBG प्लांट्स

Kittu Kumari30 July 20262 min read22 views
दिल्ली में कचरा समस्या होगी खत्म! MCD और Oil India मिलकर बनाएंगे दो Bio-CBG प्लांट्स

दिल्ली में कचरे के ढेर से निजात दिलाने और शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को Municipal Corporation of Delhi (MCD) और Oil India Limited (OIL) के बीच एक महत्वपूर्ण Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के तहत राजधानी में दो नए Bio-Compressed Biogas (Bio-CBG) प्लांट्स स्थापित किए जाएंगे। इस खास समझौते का मुख्य उद्देश्य गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा करना और दिल्ली के लैंडफिल साइट्स पर कचरे के भारी बोझ को कम करना है। इस दौरान दिल्ली की Chief Minister Rekha Gupta और Delhi Mayor Pravesh Wahi समेत कई बड़े अधिकारी और दोनों संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस डिस्क्लोजर डॉक्यूमेंट पर Oil India Limited के Company Secretary & Compliance Officer Ajaya Kumar Sahoo ने हस्ताक्षर किए।

कचरे से बनेगी ग्रीन एनर्जी और सुधरेगी सफाई

यह MoU दिल्ली में निकलने वाले अलग किए गए organic municipal solid waste यानी गीले कचरे को प्रोसेस करने के लिए तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद बायोडिग्रेडेबल कचरे को renewable green fuel में बदलना, शहर की साफ-सफाई को बेहतर करना और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को तेजी से घटाना है। शुरुआत में दो Bio-CBG प्लांट्स बनाए जाएंगे, जिसमें एक प्लांट की क्षमता 500 Tons Per Day (TPD) और दूसरे प्लांट की क्षमता 300 TPD होगी। इन दोनों फैसिलिटी में अलग किए गए ऑर्गेनिक कचरे का इस्तेमाल किया जाएगा। अनुमान है कि इन प्लांट्स से रोजाना 30 से 32 TPD Compressed Biogas का उत्पादन होगा।

राष्ट्रीय ऊर्जा लक्ष्यों को मिलेगा बढ़ावा

यह पूरा प्रोजेक्ट भारत सरकार के एनर्जी ट्रांजिशन और सर्कुलर इकोनॉमी के विजन के साथ मेल खाता है। यह पहल Swachh Bharat Mission, Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation (SATAT) और देश के Net Zero लक्ष्यों जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों को मजबूत करती है। Oil India के लिए यह रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और पारंपरिक हाइड्रोकार्बन से आगे बढ़कर अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाइड करने का एक बड़ा रणनीतिक कदम है। निवेशकों के लिए पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह प्रेस रिलीज SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के Regulation 30 के तहत जारी की गई है।

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