दिल्ली में प्रदूषण पर वार: MCD अब रात में करेगी सड़कों की सफाई, 2000 नए कर्मचारी तैनात
दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए MCD ने रात में सड़क सफाई और 2000 नए कर्मचारियों की तैनाती का फैसला किया है। जानें पूरी योजना।

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और धूल के कणों से निपटने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब शहर की सड़कों की सफाई के लिए मशीनों का इस्तेमाल रात के समय किया जाएगा। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में उठाए गए इस कदम के तहत 1 नवंबर 2026 से नए स्वच्छता निर्देश लागू कर दिए गए हैं, ताकि शहर को साफ-सुथरा रखा जा सके और हवा की गुणवत्ता में सुधार हो।
नगर निगम ने आदेश दिया है कि 60 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों पर चलने वाली सभी 66 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें (MRS) अब रात के समय काम करेंगी। इस काम को प्रभावी बनाने के लिए इन मशीनों की शिफ्ट को सामान्य 8 घंटे से बढ़ाकर 4 घंटे और बढ़ा दिया गया है। यह विशेष व्यवस्था 28 फरवरी 2027 तक जारी रहेगी।
सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टास्क फोर्स और बजट
सफाई अभियान को और ज्यादा असरदार बनाने के लिए MCD ने एक बड़ी रणनीति तैयार की है:
- सभी 12 नगर निगम क्षेत्रों में 2,000 अतिरिक्त कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की एक टास्क फोर्स तैनात की जा रही है।
- जोनल डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिया गया है कि वे रोजाना 4 घंटे फील्ड निरीक्षण करें ताकि काम की गुणवत्ता बनी रहे।
- MCD की स्थायी समिति ने 70 नई मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें खरीदने के लिए करीब 923.6 करोड़ रुपये के 10 साल के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।
- बीमारियों पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग 1,066 नए कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ की भर्ती कर रहा है।
MCD कमिश्नर संजीव खिरवार के मुताबिक, रात में सफाई करने का मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्याओं को दूर करना है, क्योंकि दिन के समय गाड़ियां खड़ी होने की वजह से मशीनें ठीक से काम नहीं कर पाती थीं। यह पूरी कवायद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के उन निर्देशों के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने रिहायशी इलाकों और बाजारों में कचरा जमा होने की शिकायतों को देखते हुए रात की सफाई पर जोर दिया था।