दिल्ली में कचरा प्रबंधन के लिए MCD ने लगाए नए कॉम्पैक्टर्स, अब नहीं दिखेंगे कूड़े के ढेर
दिल्ली नगर निगम ने प्रशांत विहार में नए कॉम्पैक्टर्स लगाए हैं और शहर को साफ रखने के लिए बैटरी संचालित मशीनों का ट्रायल शुरू किया है।

राजधानी दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में दिल्ली नगर निगम (MCD) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने और गंदगी की समस्या को खत्म करने के लिए प्रशांत विहार के सफेदवाला पार्क में दो नए कॉम्पैक्टर्स तैनात किए गए हैं। गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को मेयर प्रवेश वाही ने इन मशीनों का उद्घाटन किया, जिससे अब इलाके में कचरा निपटान की प्रक्रिया काफी आसान और प्रभावी हो जाएगी।
ये नए कॉम्पैक्टर्स मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों—प्रशांत विहार, रोहिणी सेक्टर-9 और रोहिणी सेक्टर-13 के कचरे का प्रबंधन करेंगे। इन मशीनों की खासियत यह है कि ये मौके पर ही कचरे को कंप्रेस (दबाकर छोटा) कर देती हैं, जिससे कूड़ा बाहर नहीं फैलता और इसे डिस्पोजल साइट तक ले जाना अधिक सुविधाजनक हो जाता है।
सफाई के लिए बैटरी वाली मशीनों का ट्रायल शुरू
सिर्फ कॉम्पैक्टर्स ही नहीं, बल्कि MCD ने केशवपुरम जोन के आठ वार्डों में वैक्यूम-आधारित और बैटरी से चलने वाली 'लिटर-पिकर' मशीनों का ट्रायल भी शुरू किया है। निगम की योजना दिल्ली के सभी 250 वार्डों में ऐसी 1,000 मशीनें लगाने की है, जिसके तहत हर वार्ड में चार मशीनें तैनात की जाएंगी।
मेयर प्रवेश वाही ने साफ किया कि निगम का मुख्य लक्ष्य शहर के उन 'गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स' (कूड़े के संवेदनशील केंद्रों) को पूरी तरह खत्म करना है, जहां अक्सर कचरे के ढेर लग जाते हैं। उन्होंने क्षेत्रीय उपायुक्तों और स्वच्छता निरीक्षकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि त्योहारों के सीजन में सफाई के मानकों में कोई कमी न आए और कहीं भी कूड़ा जमा न होने दिया जाए।
इसके साथ ही, मेयर ने नागरिकों से अपील की है कि वे घर से ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने (सोर्स सेग्रिगेशन) की आदत डालें। इस मुहिम को बढ़ावा देने के लिए MCD विभिन्न हाउसिंग सोसायटियों में डस्टबिन बांट रही है और गीले कचरे से खाद बनाने के लिए एरोबिन्स भी लगाए जा रहे हैं।