दिल्ली नगर निगम ने संपत्ति कर छूट के लिए 'सुनीयो 2.0' योजना की शुरुआत की

दिल्ली नगर निगम ने साल 2026-27 की अवधि के लिए 'सुनीयो 2.0-वन प्लस सेवन' संपत्ति कर समाधान योजना की औपचारिक शुरुआत कर दी है। करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से बनाई गई यह योजना 29 सितंबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। मेयर प्रवेश वाही ने सभी करदाताओं से इस तय समय सीमा के भीतर योजना का लाभ उठाने की अपील की है। इस योजना की शुरुआत के साथ ही दिल्ली के लोगों को टैक्स भुगतान में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
योजना के नियम और कर भुगतान की शर्तें
दिशानिर्देशों के तहत करदाताओं को चालू वित्त वर्ष 2026-27 और इससे पिछले सात वित्तीय वर्षों यानी 2019-20 से 2025-26 तक के संपत्ति कर की मूल राशि का भुगतान करना होगा। इन भुगतानों को पूरा करने पर, 2019-20 से पहले की अवधि से संबंधित सभी बकाया संपत्ति कर, उस पर लगा ब्याज और जुर्माने की राशि योजना के नियमों के अनुसार माफ कर दी जाएगी। पाँच लाख रुपये या उससे अधिक के कुल कर बकाए वाले करदाताओं के लिए निगम ने किस्त में भुगतान करने की सुविधा दी है। इसके अलावा, करदाताओं को योजना अवधि के दौरान या इसके समाप्त होने के दो महीने के भीतर, जो भी पहले हो, अपने सैप्टर (SAPTR) में दर्ज गलत जानकारी को ठीक करने की अनुमति दी गई है।
अदालती मामलों के लिए विशेष प्रावधान और सहायता
अदालत में लंबित मामलों के लिए विशेष प्रावधान बनाए गए हैं। इस योजना को चुनने वाले प्रतिभागियों को एक तय प्रारूप में हलफनामा या वचन पत्र जमा करना होगा और अपने लंबित मुकदमे को औपचारिक रूप से वापस लेना होगा। नीति के अनुसार, करदाता मुकदमे के दौरान अदालत या निगम में पहले से जमा या भुगतान की गई किसी भी राशि के लिए रिफंड, समायोजन या सेट-ऑफ का दावा नहीं कर सकते हैं। करदाताओं की सहायता के लिए, निगम ने +91 7065064988 पर एक समर्पित हेल्पलाइन शुरू की है।
जागरूकता शिविर और सहयोग
योजना की जानकारी फैलाने के लिए विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों में जागरूकता और सुविधा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। निगम के अनुसार, ये शिविर ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), बाजार संगठनों, वाणिज्य मंडलों, फिक्की और व्यापार संघों के सहयोग से आयोजित किए जा रहे हैं ताकि इस योजना के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जानकारी मिल सके। इन शिविरों के माध्यम से करदाताओं को योजना का पूरा लाभ उठाने की प्रक्रिया समझाई जा रही है।