एमसीडी ने दिल्ली को कूड़ेदान मुक्त बनाने के लिए शुरू की बड़ी योजना

दिल्ली में साफ-सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए बुधवार को नगर आयुक्त संजीव खिरवार की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दिल्ली को पारंपरिक सामुदायिक कूड़ेदानों से मुक्त करने और कचरे पर निर्भरता कम करने की रणनीति पर चर्चा की गई। अधिकारियों को वार्ड-वार कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें स्रोत पर कचरा अलग करना, क्षेत्रीय स्वच्छता योजनाएं, कूड़ा संवेदनशील बिंदु, और कचरा परिवहन जैसे काम शामिल हैं।नगर निगम का मुख्य लक्ष्य सामुदायिक कूड़ेदानों पर निर्भरता को मौजूदा स्तर से अधिकतम 20 प्रतिशत तक कम करना है।
तीन महीने में पायलट प्रोजेक्ट
आगामी तीन महीनों के भीतर तीन जोन में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा और बाजारों को विशेष संग्रहण प्रोटोकॉल के जरिए कूड़ेदान-मुक्त बनाया जाएगा। आयुक्त खिरवार ने क्षेत्रीय उपायुक्तों को गीले कचरे के लिए सीबीजी, बायोगैस और कंपोस्टिंग जैसी विकेंद्रीकृत उपचार तकनीकों को लागू करने के लिए 5-6 किलोमीटर के दायरे में जमीन और सुविधाएं चिन्हित करने का निर्देश दिया है।संकरी गलियों में कचरा उठाने के लिए एमसीडी छोटे और विशेष वाहनों को तैनात करेगी ताकि सड़क किनारे कचरा फेंकने से रोका जा सके।
स्वच्छता ही सेवा अभियान में भागीदारी
एमसीडी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले स्वच्छता ही सेवा अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेगी। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों की सफाई, कठिन और गंदे स्थलों को बदलना तथा युवाओं को जोड़ने के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इस कार्यक्रम में स्वच्छता कर्मचारियों के लिए कल्याणकारी गतिविधियां और ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 पर जागरूकता अभियान भी शामिल होंगे। क्षेत्रीय उपायुक्तों और विभागाध्यक्षों को इन सभी स्वच्छता पहलों को समयबद्ध तरीके से लागू करने और नियमित निगरानी करने का जिम्मा सौंपा गया है।