दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर में सफाई और कचरा प्रबंधन को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। 26 सितंबर 2026 को MCD के सदन के नेता जय भगवान यादव ने घोषणा की है कि शहर में सफाई के काम में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह फैसला एक स्टैंडिंग कमेटी की बैठक के दौरान सामने आई कमियों और शिकायतों के बाद लिया गया है।
मेयर और सदन के नेता ने सभी संबंधित कंपनियों को तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
इन एजेंसियों को कचरा उठाने, लाने-ले जाने और साफ-सफाई में सुधार के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। अगर तय समय में इन मानकों को पूरा नहीं किया गया, तो नियमों के तहत कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उनका ठेका भी रद्द किया जा सकता है।
जय भगवान यादव ने जोर देकर कहा कि MCD दिल्ली की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
निजी कंपनियों को तय नियमों और सेवा मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। यह निर्देश दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा 4 सितंबर 2026 को कचरा-मुक्त शहर बनाने के आदेश और MCD कमिश्नर संजीव खिरवार द्वारा 17 सितंबर 2026 को वार्ड-वार सफाई योजना बनाने के निर्देशों के अनुरूप हैं। इसके अलावा, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद द्वारा 22 सितंबर 2026 को नए कचरा प्रबंधन उप-नियमों को मंजूरी दी गई है, जिसमें चार-तरफा कचरा अलग करना और बढ़ा हुआ यूजर चार्ज शामिल है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्रालय की अंतिम अधिसूचना का इंतजार है।