दिल्ली में एमसीडी की बड़ी कार्रवाई, खतरनाक और अवैध निर्माण पर 38 जगहों पर ढहाए गए मकान

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने शहर भर में खतरनाक इमारतों, अवैध निर्माण और मास्टर प्लान तथा बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ एक बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत एमसीडी ने दिल्ली भर में 38 विध्वंस कार्रवाईयों को अंजाम दिया है। यह अभियान निगम के सभी 12 जोनों में चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य संरचनात्मक अनुपालन सुनिश्चित करना और सार्वजनिक सुरक्षा की रक्षा करना है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए एएनआई की रिपोर्ट देखी जा सकती है।
सील की गई संपत्तियां और प्रभावित इलाके
26 सितंबर 2026 को एमसीडी ने 6 संपत्तियों को सील किया और 5 अतिरिक्त विध्वंस आदेश जारी किए। इस कार्रवाई से प्रभावित प्रमुख स्थलों में मानकपुरा, इंदरपुरी, कीर्ति नगर, मॉडल बस्ती, करकोला, रोशनपुरा, शकरपुर, जगतपुरी और जीडी कॉलोनी शामिल हैं। इन इलाकों में नियमों का उल्लंघन करने वाले अवैध निर्माणों पर निगम का शिकंजा कसा है। अधिक जानकारी के लिए मूल स्रोत रिपोर्ट पढ़ें।
सत्य निकेतन हादसे के बाद तेज हुई कार्रवाई
यह कड़ी कार्रवाई 6 सितंबर 2026 को सत्य निकेतन में पांच मंजिला पेइंग गेस्ट आवास ढहने की घटना के बाद शुरू की गई है, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि गिरी हुई इमारत के पास कोई स्वीकृत नक्शा नहीं था। इस हादसे के बाद के 17 दिनों में एमसीडी ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि उसने 543 संपत्तियों को ध्वस्त किया, 178 को सील किया, 354 कारण बताओ नोटिस जारी किए, 205 सीलिंग नोटिस दिए और 98 विध्वंस आदेश पारित किए। विस्तृत विवरण एएनआई समाचार पर उपलब्ध है।
पीजी इमारतों का सर्वे और अधिकारियों पर कार्रवाई
शहर भर में 2,453 पीजी इमारतों के बाद के सर्वेक्षण में 2,342 सुरक्षित पाई गईं, जबकि 91 को मामूली मरम्मत, 30 को बड़ी मरम्मत की आवश्यकता थी और 4 को खतरनाक घोषित किया गया। एमसीडी का प्रतिनिधित्व करने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पुष्टि की कि इस घटना के कारण पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा, एमसीडी के कार्यकारी अभियंता (भवन) मुख्यालय अजय कुमार जैन ने 24 सितंबर 2026 को एक व्यापक अनुपालन हलफनामा प्रस्तुत किया।