MCD का बड़ा एक्शन: काकरोला में 47 फ्लैट और 13 दुकानों को खाली करने का आदेश

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी के काकरोला इलाके में एक बड़ी कार्रवाई की है। निगम ने यहाँ एक इमारत में बने काकरोला बिल्डिंग खालीकरण के आदेश जारी किए हैं, जिसमें 47 रिहायशी फ्लैट और 13 व्यावसायिक दुकानें शामिल हैं। प्रशासन ने इन सभी को तुरंत खाली करने का निर्देश दिया है। इस पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए दिल्ली पुलिस और पुलिस कमिश्नर कार्यालय के साथ तालमेल बिठाया गया है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
यह कार्रवाई दिल्ली में अवैध निर्माणों और खतरनाक इमारतों के खिलाफ चलाए जा रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा है। निगम का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना और भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े हादसे को रोकना है। यह पूरा अभियान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सख्त निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है, जिसमें सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न करने की बात कही गई है।
शहरव्यापी अभियान में अब तक बड़ी कार्रवाई
MCD केवल काकरोला ही नहीं, बल्कि पूरे शहर में अवैध निर्माणों पर नकेल कस रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 6 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 के बीच निगम ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। इस दौरान दिल्ली के सभी 12 जोन में कुल 1,046 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया और 282 ढांचों को सील किया गया। इसके अलावा, 47 ऐसी इमारतों को भी जमींदोज कर दिया गया जिन्हें बेहद खतरनाक माना गया था।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि वे दिल्ली मास्टर प्लान और बिल्डिंग बाय-लॉज का सख्ती से पालन करा रहे हैं। हालांकि, स्पेशल प्रोविजन्स एक्ट के कारण कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जो 31 दिसंबर 2026 तक कुछ अनधिकृत निर्माणों को सीमित सुरक्षा प्रदान करता है। इसके बावजूद, निगम ने स्पष्ट किया है कि बिल्डिंग सेफ्टी के मामले में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी तोड़फोड़ या सीलिंग से पहले गहन जांच की जाएगी।