दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाएगी MCD, लगेंगे 6,400 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन

राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम (MCD) एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अब शहर के अलग-अलग हिस्सों में दिल्ली ईवी चार्जिंग स्टेशन का जाल बिछाया जाएगा, ताकि लोगों को गाड़ी चार्ज करने के लिए भटकना न पड़े। MCD ने योजना बनाई है कि शहर के 79 रणनीतिक स्थानों पर कुल 6,453 चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे।
इस पूरी परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। MCD इस काम के लिए केंद्र सरकार के तहत काम करने वाली कंपनियों के साथ साझेदारी करेगी। खास बात यह है कि यह फैसला रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs) और परिवहन विशेषज्ञों की मांग के बाद लिया गया है, जिन्होंने बार-बार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी का मुद्दा उठाया था।
मार्केट और मेट्रो स्टेशनों के पास बनेंगे बड़े हब
MCD का लक्ष्य केवल छोटे स्टेशन बनाना नहीं है, बल्कि बड़े पैमाने पर ईवी चार्जिंग हब विकसित करना है। ये हब मुख्य रूप से प्रमुख बाजारों, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और मेट्रो स्टेशनों के पास बनाए जाएंगे। इन केंद्रों पर 25 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स होंगे और साथ ही बैटरी-स्वैपिंग (बैटरी बदलने) की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे समय की बचत होगी।
इस मुहिम को और मजबूती देने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) ने भी 382 साइटों को मंजूरी दी है। बिजली मंत्री आशीष सूद ने बताया कि पहले चरण के लिए 160 से 180 ऐसी साइट्स चुनी गई हैं जो पूरी तरह तैयार हैं और उनके टेंडर फाइनल किए जा रहे हैं। इन सभी साइटों का पिछले तीन महीनों में गहन मूल्यांकन किया गया है ताकि यह तय किया जा सके कि कहां दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए चार्जिंग पॉइंट लगाने हैं।
इस पूरे प्रोजेक्ट की प्लानिंग और एग्जीक्यूशन की जिम्मेदारी के लिए KPMG को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के तौर पर नियुक्त किया गया है। यह पूरी कवायद दिल्ली की ईवी पॉलिसी का हिस्सा है, जिसके तहत 1 जनवरी 2027 तक सभी नए तिपहिया और N1 कैटेगरी के लाइट कमर्शियल वाहनों का इलेक्ट्रिक होना अनिवार्य होगा। वहीं, 1 अप्रैल 2028 से सभी नए दोपहिया वाहनों के लिए भी यह नियम लागू होगा।