दिल्ली के नाले में गिरे 15 साल के बच्चे का तीसरे दिन भी नहीं चला पता, MCD जूनियर इंजीनियर सस्पेंड

दक्षिण पूर्व दिल्ली के जसोला इलाके में खुले नाले में गिरे 15 साल के बच्चे मिथुन कुमार को तलाशने के लिए मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को सर्च ऑपरेशन का तीसरा दिन था। कक्षा 8 का यह छात्र शनिवार, 22 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11:00 बजे पतंग पकड़ते समय नाले में गिर गया था। घटना के लगभग 60 घंटे बाद भी दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स और दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के तमाम प्रयासों के बावजूद किशोर का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।
जूनियर इंजीनियर सस्पेंड और विभागीय कार्रवाई
इस घटना के बाद, म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) ने कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में साउथ ईस्ट जोन के जूनियर इंजीनियर (JE) (M)-IV अनुज कुमार को सस्पेंड कर दिया है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, इस इंजीनियर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित है। निलंबन के दौरान उन्हें केवल निर्वाह भत्ता मिलेगा और वे बिना अनुमति के स्टेशन नहीं छोड़ सकेंगे। इस आदेश से जुड़ी पूरी खबर यहाँ देखें।
अधिकारियों की जिम्मेदारी पर विवाद
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने चीफ सेक्रेटरी को निर्देश दिया था कि नाले के रखरखाव को लेकर समय पर रिपोर्ट न देने वाले जिम्मेदार अधिकारी की तुरंत पहचान करके उसे सस्पेंड किया जाए। वहीं, 'कच्चा नाला' के रखरखाव को लेकर विभागों में अधिकार क्षेत्र का विवाद जारी है, जो ओखला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रीट किया हुआ पानी ले जाता है। दिल्ली जल बोर्ड का कहना है कि यह नाला MCD को सौंप दिया गया था, जबकि सेंट्रल जोन के अधिकारियों ने इस दावे पर सवाल उठाया है और सुझाव दिया है कि सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग इसकी जिम्मेदारी संभालता है। इस मामले की विस्तृत जानकारी यहाँ उपलब्ध है।
परिवार की तलाश और बढ़ता जनआक्रोश
इस बीच, बच्चे के पिता अवधेश कुमार का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वे खुद नाले में अपने बेटे को तलाश रहे हैं। यह वीडियो परिवार की लाचारी और बेटे को जीवित न पाने की निराशा को साफ दिखाता है। इस दर्दनाक घटना के बाद राजधानी के खुले नालों की सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर जनता के बीच सवाल खड़े हो गए हैं।