प्रदूषण पर लगाम: दिल्ली की सड़कों की होगी डीप क्लीनिंग, MCD ने कसी कमर

Kittu Kumari21 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
प्रदूषण पर लगाम: दिल्ली की सड़कों की होगी डीप क्लीनिंग, MCD ने कसी कमर

राजधानी दिल्ली में हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने प्रदूषण के खिलाफ अपनी जंग तेज कर दी है। शहर में धूल के कणों को कम करने और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निगम ने धूल शमन (dust mitigation), सड़कों की गहरी सफाई और सख्त प्रवर्तन उपायों का एक व्यापक अभियान शुरू किया है। इस मुहिम के तहत दिल्ली के सभी 12 जोनों में उन सड़कों की पहचान की गई है जहाँ धूल ज्यादा उड़ती है, और वहां गहन सफाई का काम किया जा रहा है।

निर्माण और विध्वंस (C&D) कचरे के अवैध डंपिंग को रोकने के लिए MCD ने एक बड़ी रणनीति तैयार की है। अब शहर के सभी 250 वार्डों में कचरा डालने के लिए विशेष साइटें तय की गई हैं। इन साइटों पर धूल को रोकने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया गया है, जिसके तहत तीन मीटर ऊंची विंड-ब्रेकिंग दीवारें लगाना, कचरे को पूरी तरह ढकना या नियमित रूप से पानी का छिड़काव करना अनिवार्य होगा। साथ ही, कचरा ढोने वाले वाहनों को भी पूरी तरह कवर करना होगा ताकि रास्ते में धूल न उड़े।

निगरानी के लिए लगे कैमरे और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल

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प्रदूषण नियंत्रण के इस अभियान को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए 125 साइटों पर 360-डिग्री PTZ कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की सीधी फीड DPCC को मिलेगी, जिससे चौबीस घंटे निगरानी रखी जा सकेगी। इसके अलावा, सड़कों पर उड़ती धूल को दबाने के लिए 167 वॉटर स्प्रिंकलर और 40 मोबाइल एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं।

निगम ने केवल मशीनों पर ही भरोसा नहीं किया है, बल्कि जमीन पर कार्रवाई के लिए 'जॉइंट एनफोर्समेंट टीम' का गठन भी किया है। ये टीमें बायोमास जलाने, निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण और अवैध कचरा डंपिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगी।

  • एंटी-स्मॉग गन: 20 गन वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और डंपसाइट्स पर, जबकि 20 गन हाई-राइज बिल्डिंग्स में लगाई गई हैं।
  • बजट प्रावधान: फील्ड मॉनिटरिंग को मजबूत करने के लिए प्रत्येक जोन के लिए 5 लाख रुपये का अंतरिम बजट जारी किया गया है।
  • मालबा पोर्टल: CAQM के निर्देशों के अनुसार, अब निर्माण गतिविधियों की निगरानी के लिए मालबा पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।

MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने स्पष्ट किया है कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए निरंतर कार्रवाई और सख्त निगरानी की जरूरत है। उन्होंने जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण करें और प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाएं, ताकि दिल्ली की हवा में वास्तविक और स्थायी सुधार लाया जा सके।

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