प्रदूषण रोकने को MCD अलर्ट: दिल्ली में धूल नियंत्रण के लिए कड़े इंतजाम, 360 डिग्री कैमरों से होगी निगरानी

राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कमर कस ली है। शहर की हवा को साफ रखने और धूल के कणों को कम करने के लिए निगम ने डस्ट कंट्रोल उपायों को काफी तेज कर दिया है। इसके तहत सड़कों की गहरी सफाई से लेकर निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल पर लगाम लगाने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं।
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए MCD ने अपने सभी 12 जोनों में संयुक्त प्रवर्तन टीमें (Joint Enforcement Teams) तैनात की हैं। ये टीमें अवैध रूप से मलबा फेंकने, खुले में कचरा जलाने और निर्माण कार्यों के दौरान होने वाले प्रदूषण की कड़ी निगरानी करेंगी। निगम ने शहर के सभी 250 वार्डों में मलबे के निपटान के लिए खास जगहें तय की हैं। इन साइटों पर अब सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन करना होगा, जिसमें तीन मीटर ऊंची धूल-रोधी दीवारें बनाना, मलबे को ढककर रखना और पानी के स्प्रे सिस्टम का उपयोग करना अनिवार्य है।
तकनीक और मशीनों से होगी धूल पर वार
निगम ने निगरानी को पुख्ता करने के लिए 125 निर्धारित साइटों पर 360-डिग्री PTZ कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों की लाइव फीड सीधे दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को भेजी जाएगी, जिससे 24 घंटे मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। इसके अलावा, मलबे को ले जाने वाले वाहनों को पूरी तरह ढंककर चलना अनिवार्य कर दिया गया है।
धूल को दबाने के लिए MCD ने शहर भर में 167 वॉटर स्प्रिंकलर और 40 एंटी-स्मॉग गन तैनात की हैं, जो ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत काम कर रही हैं। इसके अलावा 20 एंटी-स्मॉग गन वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और डंपिंग साइटों पर, जबकि अन्य 20 गन ऊंची इमारतों पर लगाई गई हैं।
सभी निर्माण और विध्वंस गतिविधियों को 'मलबा' पोर्टल के दायरे में लाने की कोशिश की जा रही है। DPCC के क्षेत्रीय निरीक्षणों में मदद के लिए हर जोन में वाहन तैनात किए गए हैं और इसके लिए 5 लाख रुपये का अंतरिम बजट भी दिया गया है। MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने स्पष्ट किया है कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निरंतर प्रयास और सख्त निगरानी जरूरी है। उन्होंने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि दिल्ली की हवा में स्थायी सुधार लाया जा सके।