दिल्ली में एमसीडी की बड़ी कार्रवाई, 29 अवैध निर्माण तोड़े और 10 संपत्तियां सील

दिल्ली में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ नगर निगम (MCD) ने सख्त कार्रवाई की है। इस विशेष अभियान के तहत 29 जगहों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई और 10 संपत्तियों को सील कर दिया गया। इसके साथ ही निगम के 12 प्रशासनिक जोन में सात विध्वंस आदेश भी जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई दिल्ली मास्टर प्लान और म्युनिसिपल बिल्डिंग बाय-लॉज के नियमों के तहत की जा रही है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर अवैध निर्माण के खिलाफ यह शहरव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। सत्य निकेतन में हुई एक दुखद इमारत ढंसने की घटना के बाद, जिसमें सात लोगों की जान चली गई थी, मुख्यमंत्री ने पीजी (पेइंग गेस्ट) आवासों के निरीक्षण और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। एमसीडी के कार्यकारी अभियंता (भवन) मुख्यालय अजय कुमार जैन ने दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष दाखिल एक अनुपालन हलफनामे में इन कार्रवाइयों की पुष्टि की है। उच्च न्यायालय ने पहले ही निगम को भवन निर्माण की अनुमति और पीजी सुविधाओं का ऑडिट करने का निर्देश दिया था।
सत्य निकेतन की घटना 6 सितंबर के बाद से मध्य सितंबर तक एमसीडी ने 397 तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 152 संपत्तियों को सील किया। इसके अलावा 1 जून से 3 सितंबर के बीच के रिकॉर्ड के अनुसार 983 तोड़फोड़ और 464 सीलिंग की कार्रवाई की गई थी। एक व्यापक सर्वेक्षण में राजधानी भर में 2,453 पीजी इमारतें पाई गईं, जिनमें से केवल 730 के पास ही वैध और सत्यापित स्वीकृत योजनाएं थीं। वर्तमान में एमसीडी 2,251 पीजी सुविधाओं की निगरानी कर रही है, जिनमें लगभग 47,000 लोग रहते हैं।
यह प्रवर्तन अभियान हरि नगर, टैगोर गार्डन एक्सटेंशन, विकास पुरी, डबरी मोर, सीतापुरी, रेघरपुरा, देव नगर, शारदा पुरी, केशवपुरम, कपिल विहार, शकरपुर, कैलाश नगर, गांधी नगर, मधु विहार, वेस्ट विनोद नगर, ओल्ड सीलमपुर, चौहान बांगर, बामनोली, कादीपुर, केशव नगर और इब्राहिमपुर सहित कई क्षेत्रों में चलाया गया है। एमसीडी ने चार मंजिला से अधिक के सभी अवैध निर्माणों को सील करने का निर्देश जारी किया है। निगम का कहना है कि वह भवन नियमों का उल्लंघन करने वालों और अवैध निर्माण की अनुमति देने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगा।