दिल्ली में सत्य निकेतन की इमारत ढहने की घटना के बाद नगर निगम (MCD) ने अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को बहुत तेज कर दिया है। 6 सितंबर 2026 को हुई इस दुखद घटना के बाद एमसीडी ने राजधानी के सभी 12 जोन में सख्त कदम उठाए हैं। गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को एमसीडी ने शाहीन बाग, शकरपुर, गीता कॉलोनी, पांडव नगर, अशोक विहार फेज-2, केशवपुरम, रमेश नगर, मानकपुरा, पहाड़गंज, संत नगर और तुगलकाबद एक्सटेंशन सहित 39 जगहों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान अधिकारियों ने 6 संपत्तियों को सील कर दिया और 5 अन्य जगहों के लिए तोड़े जाने के आदेश जारी किए। इस कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी ANI News पर देखी जा सकती है।
यह आक्रामक कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के दबाव के बाद शुरू हुई है, जिसने सत्य निकेतन की घटना को भारी लापरवाही और आपराधिक कृत्य बताया था तथा उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। इन कमियों के जवाब में एमसीडी ने अपने भवन विभाग के एक सहायक अभियंता (AE) और दो कनिष्ठ इंजीनियरों (JE) को निलंबित कर दिया है।
दिल्ली की महापौर प्रवेश वाही ने सख्त रुख अपनाते हुए इस बात पर जोर दिया है कि जनता की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले अनधिकृत निर्माण के संबंध में किसी भी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।एमसीडी के हालिया अभियानों का पैमाना चल रहे सर्वेक्षण की तीव्रता को दर्शाता है। 15 सितंबर तक निगम ने 2,453 पीजी आवासों की पहचान कर ली थी जिनमें लगभग 55,000 निवासी रह रहे हैं। यह संख्या 11 सितंबर तक दर्ज 1,523 इमारतों और 33,500 निवासियों की तुलना में काफी अधिक है।
हालिया दैनिक गतिविधियों से इस अभियान की निरंतर गति का पता चलता है: बुधवार को 46 संरचनाओं को तोड़ा गया और 11 संपत्तियों को सील किया गया, जबकि सोमवार की कार्रवाई में 40 तोड़फोड़ और 8 सीलिंग की गई थीं। इसके अलावा, सत्य निकेतन में ढही हुई संरचना के पास वाली साइट पर मैन्युअल तोड़फोड़ का काम अभी भी जारी है।