दिल्ली के सत्य निकेतन में एमसीडी की बड़ी कार्रवाई, 11 अवैध संपत्तियां ध्वस्त और 4 सील

दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी ढहने की घटना के बाद रविवार, 13 सितंबर 2026 को स्थानीय बाजार एक हफ्ते बाद दोबारा खुला। व्यापार शुरू होने के बावजूद दुकानदारों का कहना है कि उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई लोगों का मानना है कि मौजूदा हालात कोविड-19 महामारी के समय से भी ज्यादा खराब हैं। ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है क्योंकि कई छात्र अपने घर लौट गए हैं या दूसरे इलाकों में चले गए हैं, जिससे स्थानीय कर्मचारियों की नौकरी चली गई है।
अवैध निर्माण पर एमसीडी का बुलडोजर एक्शन
इसी बीच, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अवैध और खतरनाक इमारतों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। रविवार को एमसीडी ने कार्रवाई करते हुए 11 संपत्तियों को ढाह दिया और 4 अन्य को सील कर दिया। यह कार्रवाई दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर की गई है, जिन्होंने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है और सभी पीजी व हॉस्टलों की जांच अनिवार्य कर दी है। इसके अलावा, उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव को एक हफ्ते के भीतर सभी पीजी हब की इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट पूरा करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट का दखल और अधिकारियों पर कार्रवाई
दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस मामले में दखल दिया है और पीजी व हॉस्टलों के स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट का आदेश देने के साथ सरकार, दिल्ली यूनिवर्सिटी और एमसीडी से जवाब मांगा है। इस बीच दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है और कई पीजी संचालकों तथा ठेकेदारों को गिरफ्तार कर चुकी है। लापरवाही के आरोपों के बाद साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार समेत कई एमसीडी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इलाके में खतरनाक इमारतों को तोड़ने की प्रक्रिया अभी भी जारी है।