दिल्ली नगर निगम का बड़ा एक्शन: मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1046 अवैध निर्माण ध्वस्त

राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और असुरक्षित ढांचों के खिलाफ नगर निगम ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सख्त निर्देशों के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर के सभी 12 जोन में अभियान चलाकर 1,046 अवैध संपत्तियों को जमींदोज कर दिया है। यह पूरी कार्रवाई 6 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 के बीच की गई, जिसका मकसद शहर में बिल्डिंग नियमों को सख्ती से लागू करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस व्यापक अभियान के दौरान निगम की टीमों ने न केवल अवैध निर्माणों को ढहाया, बल्कि 282 संपत्तियों को सील भी किया। इसके साथ ही, शहर में मौजूद 47 ऐसी इमारतों को पूरी तरह से गिरा दिया गया जिन्हें बेहद खतरनाक माना गया था, ताकि किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके।
रोहिणी जोन में हुई सबसे ज्यादा कार्रवाई
नगर निगम के इस अभियान का असर दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिला। आंकड़ों के मुताबिक, रोहिणी जोन में सबसे ज्यादा सख्ती बरती गई, जहां कुल 158 संपत्तियों पर एक्शन लिया गया। इसके बाद सिविल लाइन्स जोन में 63 और नरेला जोन में 62 अवैध निर्माणों को हटाया गया। इसके अलावा केशवपुरम जोन भी इस अभियान के मुख्य फोकस क्षेत्रों में शामिल रहा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि अवैध और खतरनाक निर्माणों को हटाने का यह मिशन यहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने निगम को निर्देश दिए हैं कि सभी 12 जोन में इस मुहिम की रफ्तार बरकरार रखी जाए। प्रशासन का मानना है कि शहरी दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए इस तरह के कड़े कदम उठाना बेहद जरूरी है।