सत्य निकेतन इमारत ढहने के बाद एमसीडी की बड़ी कार्रवाई, 17 दिनों में 543 संपत्तियां ध्वस्त और 178 सील

नई दिल्ली। सत्य निकेतन में एक पेइंग गेस्ट (पीजी) इमारत के गिरने के बाद, नगर निगम दिल्ली (MCD) ने 17 दिन के अभियान में 543 संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया है और 178 अन्य को सील कर दिया है। इस दौरान अनधिकृत निर्माण के लिए 354 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष दायर एक अनुपालन हलफनामे के अनुसार की गई है। यह प्रवर्तन कार्रवाई 6 सितंबर और 23 सितंबर 2026 के बीच की गई थी। इसी अवधि के दौरान, नागरिक निकाय ने 205 सीलिंग कारण बताओ नोटिस और 98 विध्वंस आदेश जारी किए। यह हलफनामा उच्च न्यायालय के 7 सितंबर के निर्देशों के अनुपालन में दायर किया गया था।
सत्य निकेतन की गिरी हुई इमारत का कोई स्वीकृत नक्शा नहीं था। एमसीडी ने खुलासा किया कि सत्य निकेतन की संपत्ति संख्या 14, जो 6 सितंबर को ढह गई थी, का कोई स्वीकृत भवन योजना नहीं थी। भूतल, पहली और दूसरी मंजिल और तीसरी मंजिल का एक हिस्सा 1970-1980 के दौरान बनाया गया था, जबकि बेसमेंट और तीसरी मंजिल का शेष हिस्सा 1997-98 में बनाया गया था। एमसीडी ने संरचना को बिना आरसीसी फ्रेम वाली भार-असर वाली इमारत के रूप में वर्णित किया है। संपत्ति का उपयोग भूतल पर दुकानों के लिए और ऊपरी मंजिलों पर पीजी के रूप में किया जा रहा था। ढहने के बाद, एमसीडी ने सत्य निकेतन में लगभग 300 संपत्तियों का विस्तृत निरीक्षण किया और 101 संपत्तियों में पीजी आवास संचालित पाए। तीन संपत्तियों को खतरनाक घोषित किया गया।
एमसीडी के व्यापक सर्वेक्षण में सभी 12 क्षेत्रों में 2,453 पीजी इमारतों की पहचान की गई, जिनमें 32,247 कमरे और लगभग 50,529 लोगों की अनुमानित ऑक्यूपेंसी है। इनमें से 730 इमारतों के लिए भवन योजनाएं सत्यापित की गईं। 2,342 इमारतें सुरक्षित पाई गईं। इसी बीच, 7 सितंबर को ढहने के एक दिन बाद पर्यवेक्षी श्रृंखला के पांच एमसीडी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। निलंबित अधिकारियों में राकेश कुमार, रणवीर सिंह, ललित कुमार, सुनील चौहान और आशीष कुमार शामिल हैं। दिल्ली सरकार ने इस घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
इसके अलावा, एमसीडी ने आवासीय परिसरों के वाणिज्यिक दुरुपयोग की पहचान करने के लिए पिछले तीन महीनों में 670 कॉलोनियों और 178 वार्डों में लगभग 3.99 लाख संपत्तियों का सर्वेक्षण किया है। सर्वेक्षण में आवासीय क्षेत्रों में वाणिज्यिक गतिविधियों के 21,099 से अधिक मामलों का पता चला। एमसीडी ने अदालत को यह भी सूचित किया कि दिल्ली सरकार ने छात्र आवास और सुरक्षा पर एक उच्च-शक्ति समिति का गठन किया है जो पीजी आवासों और निजी छात्र हॉस्टलों के लिए एक नियामक ढांचा तैयार करेगी।