सत्य निकेतन की 3 बिल्डिंग्स असुरक्षित, MCD ने खाली करने का दिया नोटिस

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रहने वाले छात्रों और किरायेदारों के लिए एक बड़ी खबर है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने यहां की तीन इमारतों को पूरी तरह असुरक्षित घोषित कर दिया है और उन्हें तुरंत खाली करने का नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई शहर भर में पेइंग गेस्ट (PG) आवासों के सुरक्षा सर्वे के बाद की गई है, जिसकी जानकारी 14 अक्टूबर 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट को दी गई।
दरअसल, यह पूरा मामला 6 सितंबर को सत्य निकेतन में हुए एक दर्दनाक हादसे से जुड़ा है, जहां एक इमारत गिरने से पांच छात्रों सहित कुल सात लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर MCD ने राजधानी की 2,453 PG इमारतों का सेफ्टी ऑडिट किया। इस सर्वे में कुल चार इमारतों को 'दिखने में खतरनाक' पाया गया, जिनमें से तीन सत्य निकेतन में हैं। इन चारों को खाली करने का नोटिस भेज दिया गया है।
PG मालिकों के लिए सख्त नियम, 15 दिन का समय
सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, जहां 2,342 इमारतें सुरक्षित पाई गईं, वहीं 91 में मामूली मरम्मत और 30 इमारतों में बड़े सुधार की जरूरत बताई गई है। अब MCD ने सभी PG मालिकों और ऑपरेटरों के लिए एक सख्त निर्देश जारी किया है। सभी को 15 दिनों के भीतर MCD द्वारा मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्ट्रक्चरल इंजीनियर से 'स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट' लेना होगा।
अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में कई PG बिना किसी स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के चल रहे हैं, जिससे किरायेदारों की सुरक्षा खतरे में है। खासकर भूकंप जैसी आपदाओं के समय ये इमारतें जानलेवा साबित हो सकती हैं। MCD के सभी 12 जोनों को इस आदेश को सख्ती से लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। अगर तय समय सीमा के भीतर सर्टिफिकेट जमा नहीं किया गया, तो ऐसी संपत्तियों को सील कर खाली कराया जा सकता है। फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट छात्र आवासों के सुरक्षा मानकों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।