दिल्ली में अवैध निर्माण और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ नगर निगम यानी एमसीडी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस अभियान के तहत करोल बाग इलाके में अवैध बेसमेंट निर्माण पर विशेष रूप से कार्रवाई की गई है। यह पूरी कार्रवाई दिल्ली के विभिन्न इलाकों में चल रहे उस अभियान का हिस्सा है जो सतय निकेतन में 6 सितंबर 2026 को हुई एक घातक इमारत ढहने की घटना के बाद और तेज कर दिया गया है। उस दुर्घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी। इस संबंध में अधिक जानकारी ANI News पर देखी जा सकती है।
एमसीडी ने 10 सितंबर 2026 को दिल्ली के 12 प्रशासनिक जोन में कुल 41 विध्वंस कार्रवाई की और 61 संपत्तियों को सील कर दिया। इसके अलावा अधिकारियों ने 32 कारण बताओ नोटिस जारी किए और तीन औपचारिक विध्वंस आदेश पारित किए।
यह सभी कार्रवाई उस व्यापक अभियान का हिस्सा हैं जो 1 जून से 9 सितंबर 2026 के बीच चलाया गया था। इस अवधि के दौरान एमसीडी ने कुल 1,053 विध्वंस किए, 491 संपत्तियों को सील किया, 2,316 कारण बताओ नोटिस जारी किए और 757 विध्वंस नोटिस दिए।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुलडोजर के इस्तेमाल सहित आक्रामक प्रवर्तन का आदेश दिया है और अवैध निर्माण प्रथाओं की जवाबदेही जांच शुरू की है। वरिष्ठ नागरिक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यदि मौजूदा बेसमेंट में कोई भी संरचनात्मक बदलाव इमारत की अखंडता के लिए खतरा पैदा करता है, तो उसके लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि अवैध निर्माण को बढ़ावा देने में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी को तत्काल बर्खास्तगी सहित कठोर अनुशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। यह प्रवर्तन अभियान सख्ती से दिल्ली बिल्डिंग उप-नियमों का पालन करता है, जिसके तहत यह आवश्यक है कि बेसमेंट की न्यूनतम स्पष्ट ऊंचाई 2.4 मीटर हो, पर्याप्त वेंटिलेशन प्रदान किया जाए और पड़ोसी भूखंडों से 2 मीटर का बफर जोन शामिल हो।