दक्षिण दिल्ली के प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर MCD कमिश्नर का छापा, लापरवाही पर दी चेतावनी

सर्दियों के दस्तक देने से पहले दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। इसी कड़ी में शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को MCD कमिश्नर संजीव खिरवार और शहरी विकास सचिव विवेक पांडे ने दक्षिण दिल्ली के विभिन्न प्रदूषण हॉटस्पॉट्स और निर्माण स्थलों का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य मकसद हवा की गुणवत्ता की मौजूदा स्थिति का जायजा लेना और प्रदूषण कम करने के उपायों को और मजबूत करना था।
निरीक्षण टीम के साथ न्यू दिल्ली नगर परिषद (NDMC), दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC), दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी भी मौजूद थे। टीम ने आर.के. पुरम और आईआईटी दिल्ली जैसे इलाकों का दौरा किया। इसके अलावा, सरोजिनी नगर और रिंग रोड पर चल रहे निर्माण कार्यों की बारीकी से जांच की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि धूल नियंत्रण के नियमों का पूरी तरह पालन हो रहा है या नहीं।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
दौरे के दौरान कमिश्नर संजीव खिरवार ने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए कि एंटी-स्मॉग गन, वॉटर स्प्रिंकलर और मैकेनिकल रोड-स्वीपिंग मशीनों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जो निर्माण एजेंसियां नियमों की अनदेखी करेंगी या बार-बार उल्लंघन करेंगी, उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
फील्ड विजिट के बाद MCD दक्षिण जोन कार्यालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डिप्टी कमिश्नर शश्वत सौरभ ने अधिकारियों को प्रदूषण के मुख्य स्रोतों और वर्तमान में अपनाई जा रही रणनीतियों के बारे में जानकारी दी। सचिव विवेक पांडे ने जोर देकर कहा कि प्रदूषण हॉटस्पॉट्स से निपटने के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और निरंतर निगरानी बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही, निरीक्षण टीम ने स्थानीय विभागों को निर्देश दिए कि आईआईटी दिल्ली के पास पैदल चलने वालों की सुविधा बढ़ाने के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाए। साथ ही पूरे जोन में सड़कों, फुटपाथों और ग्रीन बेल्ट की सफाई की रफ्तार तेज करने के आदेश दिए गए हैं।