दिल्ली नगर निगम ने हिंदी दिवस पर किया विशेष सम्मान समारोह का आयोजन

दिल्ली नगर निगम (MCD) की ओर से सोमवार को हिंदी दिवस और राजभाषा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महापौर प्रवेश वाही और सदन के नेता जय भगवान यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। महापौर ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी देश के विभिन्न हिस्सों को आपस में जोड़ने का एक मजबूत जरिया है। उन्होंने जोर दिया कि भारत की पहचान उसकी भाषाई और सांस्कृतिक समृद्धि से है।
समारोह में हिंदी के विकास पर जोर
महापौर ने कहा कि हिंदी का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे प्रशासनिक कार्यों में भी शामिल किया जाना चाहिए ताकि प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके। उन्होंने कहा कि हिंदी का विकास तभी सार्थक है जब भारत की सभी भाषाओं का समान रूप से सम्मान और विकास हो। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से सरकारी कामकाज और पत्र-व्यवहार में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया।
सदन के नेता और अधिकारियों के विचार
सदन के नेता जय भगवान यादव ने कहा कि हिंदी भावनाओं, संस्कृति और सामाजिक जुड़ाव की भाषा है। उन्होंने कहा कि राजभाषा का सम्मान तभी प्रभावी है जब इसका दायरा जनसेवा के हर स्तर पर बढ़े। इस दौरान अतिरिक्त आयुक्त डॉ. सत्येंद्र सिंह दुर्सावत ने केंद्रीय गृह मंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया, जिसमें भाषाई विविधता को देश की ताकत बताया गया।
विशिष्ट हस्तियों का सम्मान और कवि सम्मेलन
समारोह में हिंदी भाषा और साहित्य में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में नंदिनी श्रीवास्तव, सूरज त्रिपाठी, रागिनी झा, योगेश और बाल कवयित्री सांववी जैन शामिल थीं। इसके अलावा एक कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसमें कवियों ने हिंदी की गरिमा, भारतीय संस्कृति और देशभक्ति से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में उपमहापौर व हिंदी समिति की अध्यक्षा डॉ. मोनिका पंत, उपाध्यक्ष मनीषा सिंह सहित कई पार्षद और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।