MCD का बड़ा एक्शन: दिल्ली की 2000 से ज्यादा इमारतों को नोटिस, 1500 पर गिरी गाज

राजधानी दिल्ली में हाल के दिनों में हुई इमारतों के ढहने की दुखद घटनाओं ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। इसी के मद्देनजर MCD बिल्डिंग सेफ्टी ड्राइव के तहत नगर निगम ने अब बेहद सख्त रुख अपना लिया है। शहर के सभी नगर निगम क्षेत्रों में स्ट्रक्चरल सेफ्टी की जांच तेज कर दी गई है, ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके।
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक से दो महीनों के भीतर 2,000 से अधिक बिल्डिंग मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन मालिकों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे अपनी इमारतों का स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट बनवाएं या पुराने सर्टिफिकेट का नवीनीकरण (रिन्यूअल) करवाएं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इमारतें रहने और काम करने के लिए सुरक्षित हैं।
कोचिंग सेंटर और पीजी पर विशेष नजर
सिर्फ नोटिस ही नहीं, MCD ने जमीनी स्तर पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। अब तक 1,500 से ज्यादा ऐसी इमारतों पर प्रवर्तन कार्रवाई (Enforcement Action) की गई है, जो सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रही थीं। इनमें से कई परिसरों को सील भी किया गया है।
यह पूरी कार्रवाई मुख्य रूप से उन जगहों पर केंद्रित है जहां भीड़ अधिक होती है या जहां जोखिम ज्यादा है। इनमें शामिल हैं:
- पेइंग गेस्ट (PG) आवास
- कोचिंग सेंटर
- लाइब्रेरी
- अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान
अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कार्रवाई फायर सेफ्टी नियमों, बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कोड और मास्टर प्लान के उल्लंघन के कारण की जा रही है। निगम का मकसद दिल्ली के शहरी ढांचे में सुरक्षा और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है, ताकि आम जनता की जान खतरे में न पड़े।