दिल्ली की तंग गलियों को चमकाएंगी MCD की नई लिटर पिकर मशीनें, 8 वार्डों में ट्रायल शुरू
दिल्ली नगर निगम ने शहर को साफ रखने के लिए बैटरी चालित लिटर पिकर मशीनों का ट्रायल शुरू किया है। जानें कैसे बदलेंगे शहर के बाजार और गलियां।

दिल्ली की भीड़भाड़ वाली गलियों और बाजारों में अब सफाई का तरीका बदलने वाला है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए बैटरी से चलने वाली एमसीडी लिटर पिकर मशीन का ट्रायल शुरू कर दिया है। मंगलवार को सेंट्रल नॉर्थ जोन (केशव पुरम जोन) के आठ वार्डों में इन मशीनों को सड़कों पर उतारा गया, ताकि यह देखा जा सके कि ये तंग इलाकों में कितनी प्रभावी साबित होती हैं।
इन मशीनों की खासियत यह है कि ये वैक्यूम तकनीक पर काम करती हैं। इसमें लगे एक सक्शन होज़ की मदद से प्लास्टिक की बोतलें, कागज के कप, रैपर और सूखे पत्तों जैसे हल्के कचरे को आसानी से खींच लिया जाता है। अक्सर देखा गया है कि बड़ी सफाई मशीनें बाजारों की पतली गलियों या भीड़भाड़ वाले कमर्शियल जोन में नहीं पहुंच पातीं, ऐसे में ये छोटी और फुर्तीली मशीनें वहां रामबाण साबित होंगी।
शहर के हर वार्ड में पहुंचेंगी मशीनें
बता दें कि इन मशीनों का उद्घाटन 17 अक्टूबर को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा किया गया था। निगम की योजना केवल ट्रायल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पूरे शहर में लागू किया जाएगा। MCD का लक्ष्य दिल्ली के सभी 250 वार्डों में कुल 1,000 ऐसी मशीनें तैनात करना है। योजना के मुताबिक, हर वार्ड को चार यूनिट्स दी जाएंगी।
इस पहल के जरिए निगम का मकसद सफाई प्रक्रिया को मैकेनिकल और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। यदि यह ट्रायल सफल रहता है, तो आने वाले समय में बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा बीनने के पारंपरिक तरीकों की जगह ये आधुनिक मशीनें ले लेंगी, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पहले से अधिक कुशल और तेज हो जाएगी।