तंग गलियों की सफाई के लिए MCD का नया दांव, 8 वार्डों में उतरीं लिटर पिकर मशीनें
एमसीडी ने दिल्ली के 8 वार्डों में बैटरी से चलने वाली कचरा उठाने वाली मशीनों का ट्रायल शुरू किया है। जानें कैसे साफ होंगी तंग गलियां।

दिल्ली की उन संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले बाजारों की सफाई अब आसान होने वाली है, जहां बड़ी सफाई गाड़ियां नहीं पहुंच पाती थीं। एमसीडी लिटर पिकर मशीन के जरिए नगर निगम ने शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में एक नया प्रयोग शुरू किया है। मंगलवार, 3 नवंबर 2026 से केशवपुरम जोन के आठ वार्डों में बैटरी से चलने वाली वैक्यूम-आधारित लिटर पिकर मशीनों का ट्रायल शुरू कर दिया गया है।
अक्सर देखा जाता है कि दिल्ली के बाजारों और घनी आबादी वाले इलाकों में बड़ी मशीनें नहीं जा पातीं, जिससे वहां कचरा जमा हो जाता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए इन खास मशीनों को उतारा गया है। ये मशीनें न केवल छोटी गलियों में आसानी से घूम सकती हैं, बल्कि इनमें लगे स्पेशल सक्शन होज़ (suction hose) की मदद से प्लास्टिक की बोतलें, पेपर कप, रैपर्स और सूखे पत्तों जैसे हल्के कचरे को तेजी से खींचकर साफ कर सकती हैं।
पूरे शहर में तैनात होंगी 1000 मशीनें
इस प्रोजेक्ट की नींव सितंबर 2026 में एमसीडी जनरल हाउस की मंजूरी के बाद रखी गई थी। इन मशीनों का औपचारिक उद्घाटन 17 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा किया गया था। नगर निगम का लक्ष्य केवल ट्रायल तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि इसे बड़े स्तर पर लागू करना है।
योजना के मुताबिक, एमसीडी आने वाले समय में पूरे दिल्ली में कुल 1,000 ऐसी मशीनें तैनात करेगी। इसके तहत दिल्ली के सभी 250 वार्डों में करीब चार-चार मशीनों का आवंटन किया जाएगा, ताकि शहर के हर कोने की सफाई सुनिश्चित की जा सके और शहरी कचरा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।