दिल्ली के 48 गांवों का होगा शहरीकरण, MCD ने दी मंजूरी; अब तक 309 गांव हुए शहरी

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी के 48 गांवों के शहरीकरण के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। यह फैसला सोमवार, 29 सितंबर 2026 को डिप्टी मेयर डॉ. मोनिका पंत की अध्यक्षता में हुई हाउस मीटिंग में लिया गया।
- MCD ने 48 गांवों को शहरी क्षेत्र में शामिल करने की मंजूरी दी।
- यह कदम दिल्ली मास्टर प्लान-2041 की विकास रणनीति के अनुरूप है।
- अब तक दिल्ली के कुल 357 गांवों में से 309 गांवों का शहरीकरण हो चुका है।
- DDA ने 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
सुधारों का लक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया
यह पहल दिल्ली मास्टर प्लान-2041 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नगर निगम की सेवाओं और बुनियादी ढांचे में सुधार करने के लिए शुरू की गई है। इस प्रशासनिक बदलाव को दिल्ली नगर निगम अधिनियम की धारा 506-A या धारा 507(A) के तहत लागू किया गया है। इससे पहले, फरवरी 2026 में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने इसे मंजूरी दी थी और 2 मई 2026 को MCD की स्थायी समिति ने इसका समर्थन किया था।
बेहतर बुनियादी ढांचा और अवैध निर्माण पर रोक
अधिकारियों के अनुसार, शहरीकरण की प्रक्रिया से अवैध निर्माण पर रोक लगेगी क्योंकि भविष्य की सभी निर्माण गतिविधियों को MCD के नियमों का पालन करना होगा। इसके तहत सड़कों, ड्रेनेज सिस्टम, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइटिंग और कचरा प्रबंधन में सुधार किए जाएंगे। ये 48 गांव दिल्ली के बाहरी उत्तर, उत्तर, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व जिलों में फैले हुए हैं।
अगला कदम और बजट
MCD स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्य शर्मा ने इस निर्णय को नियोजित शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। अब इस प्रस्ताव को दिल्ली सरकार और फिर केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। DDA ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिसका एक हिस्सा इन विकास कार्यों के लिए समर्पित है।