एमसीडी ने पीएम-उदय योजना के तहत अनधिकृत कॉलोनियों में नियमितीकरण शुल्क पर 75 प्रतिशत तक छूट को दी मंजूरी

Kittu Kumari28 September 20261 min read9 viewsDelhi Local
एमसीडी ने पीएम-उदय योजना के तहत अनधिकृत कॉलोनियों में नियमितीकरण शुल्क पर 75 प्रतिशत तक छूट को दी मंजूरी

नई दिल्ली में नगर निगम (MCD) की स्थायी समिति की अध्यक्षा सत्या शर्मा ने पीएम-उदय योजना के तहत अनधिकृत कॉलोनियों में बने मकानों के नियमितीकरण शुल्क पर 75 प्रतिशत तक की छूट के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह छूट उन आवेदकों को मिलेगी जो 31 अक्टूबर 2026 तक नियमितीकरण करा लेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से अनधिकृत कॉलोनियों में रह रहे लोगों को संपत्ति के अधिकार देना है ताकि प्रक्रिया आसान और किफायती हो सके।

नियमितीकरण शुल्क में दी गई बड़ी राहत

एमसीडी के अनुसार, अब नियमितीकरण के लिए केवल चार तरह के शुल्क लिए जा रहे हैं जिनमें क्षतिपूरक नियामक शुल्क, सीएंडडी शुल्क, विकास शुल्क और एडमिन/आईटी शुल्क शामिल हैं। इन शुल्कों पर अब 75 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मंजूर की गई है। इसके अलावा छह अप्रैल 2026 तक बने निर्माण के लिए 20 अगस्त 2026 से कई शुल्क पहले ही हटाए जा चुके हैं, जिनमें परमिट शुल्क, बेहतर शुल्क, लेवी और प्लिंथ शुल्क शामिल हैं।

विशेष शिविरों और अभियानों की जानकारी

एमसीडी और दिल्ली सरकार ने इस योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष शिविरों, एसएमएस और प्रचार अभियानों का उपयोग किया है। आवेदनों के त्वरित निस्तारण के लिए 27 जुलाई 2026 से सूचबद्ध पेशेवरों के माध्यम से स्व-मूल्यांकन के आधार पर नियमितीकरण प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था भी लागू की गई है। पीएम-उदय लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि 31 अक्टूबर का इंतजार किए बिना समय पर अपनी संपत्ति का नियमितीकरण कराएं। दिल्ली में पीएम-उदय अधिनियम के तहत 1,511 अनधिकृत कॉलोनियां हैं जिनकी आबादी करीब 44.75 लाख है और अब तक लगभग 40,000 संपत्तियों के लिए conveyance deeds या प्राधिकरण पर्चियां जारी की जा चुकी हैं।

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