दिल्ली में GRAP स्टेज 1 लागू: प्रदूषण रोकने के लिए MCD ने शुरू किया महाअभियान

Kittu Kumari21 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में GRAP स्टेज 1 लागू: प्रदूषण रोकने के लिए MCD ने शुरू किया महाअभियान

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 244 के स्तर पर पहुँच गया है, जिसे 'खराब' श्रेणी में रखा गया है। इस स्थिति को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 21 अक्टूबर 2026 को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण यानी स्टेज 1 लागू कर दिया है। इसके जवाब में दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर के सभी 12 जोनों में धूल को नियंत्रित करने और नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए अपनी कमर कस ली है।

प्रदूषण से निपटने के लिए MCD अब धूल वाली सड़कों की गहरी सफाई (Deep Cleaning) कर रहा है। निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर बेहद सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किए गए हैं। अब ऐसी साइटों पर विंड-ब्रेकिंग दीवारें लगाना और फाइन-नोजल वाटर स्प्रिंकलिंग सिस्टम का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। निगरानी को पुख्ता करने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने 125 जगहों पर 360-डिग्री PTZ कैमरे लगाए हैं, जो दिन-रात गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

विंटर एक्शन प्लान: बिना PUC सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा ईंधन

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प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक व्यापक 'विंटर एक्शन प्लान' का अनावरण किया है, जो 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक प्रभावी रहेगा। इस योजना के तहत कुछ कड़े कदम उठाए गए हैं:

  • ईंधन पर पाबंदी: पेट्रोल पंपों पर 'नो PUC सर्टिफिकेट, नो फ्यूल' की नीति लागू होगी, यानी बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र के ईंधन नहीं मिलेगा।
  • वाहनों पर रोक: 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
  • सफाई अभियान: मशीनीकृत झाड़ू (Mechanized Sweeping) का दायरा बढ़ाकर 854 सड़कों तक किया गया है।
  • तकनीकी साझेदारी: PM2.5 और PM10 स्तरों की निगरानी के लिए IIT दिल्ली के साथ पांच साल की विश्लेषणात्मक साझेदारी की गई है।

इतना ही नहीं, प्रशासन 10 दिसंबर 2026 से और भी सख्त कदम उठाने जा रहा है। इसमें निर्माण कार्यों पर और अधिक पाबंदियां, 50% वर्क-फ्रोम-होम का संभावित आदेश और वाहनों के उत्सर्जन को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क को दोगुना करना शामिल है। इसके साथ ही संयुक्त प्रवर्तन टीमें (Joint Enforcement Teams) भी गठित की गई हैं जो जमीनी स्तर पर नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगी।

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