एमसीडी में सरकार जवाबदेही से भाग रही है: विपक्ष के नेता अंकुश नारंग का गंभीर आरोप

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में आम आदमी पार्टी (आप) के विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने आरोप लगाया है कि सरकार जवाबदेही से बचने के लिए राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल कर रही है। 29 सितंबर को दिए गए बयान में नारंग ने कहा कि अधिकारियों ने मंगलवार को आप पार्षदों को सदन में आने से रोकने की कोशिश की थी। उन्होंने बताया कि जब पार्षदों ने मंत्री प्रवेश वर्मा और अवैध पीजी आवासों के मुद्दों को उठाने की कोशिश की, तो सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
नारंग ने कहा कि एमसीडी सुरक्षा कर्मियों ने आप पार्षदों को सदन में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सवाल पूछना जनप्रतिनिधियों का मौलिक अधिकार है और सरकार जनता से जुड़े मामलों का जवाब देने के लिए बाध्य है। मंत्री प्रवेश वर्मा के संबंध में नारंग ने उन पर एक 22 वर्षीय युवक को थप्पड़ मारने का आरोप लगाया और इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने वर्मा को पार्टी से निलंबित करने और बर्खास्त करने के साथ-साथ पीड़ित से सार्वजनिक माफी मांगने की भी मांग की।
नारंग ने बताया कि आप सत्य निकेतन में भाजपा विधायक अनिल शर्मा से जुड़े एक कथित अवैध पीजी सहित अवैध पीजी सुविधाओं से संबंधित चिंताओं को उठाना चाहती थी। उन्होंने इन अवैध ढांचों के संबंध में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। आप नेता ने आरोप लगाया कि दिल्ली भर में होने वाली विभिन्न दुर्घटनाओं के लिए राजनेताओं, पार्षदों और एमसीडी अधिकारियों की मिलीभगत जिम्मेदार है।
अपनी बात को समाप्त करते हुए नारंग ने कहा कि विधायी सदन को तालों या दबाव के बजाय जवाबदेही और सवाल-जवाब के माध्यम से काम करना चाहिए। उन्होंने पुष्टि की कि आम आदमी पार्टी सड़कों से लेकर सदन के पटल तक जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।