NIA केस: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक दिल्ली कोर्ट पहुंचे, मिली विदेश यात्रा की राहत

दिल्ली कोर्ट ने NIA मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और 6 यूक्रेनियनों को भारत से बाहर रहने की अनुमति दी।

Kittu Kumari23 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
NIA केस: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक दिल्ली कोर्ट पहुंचे, मिली विदेश यात्रा की राहत

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा संचालित एक आतंकी जांच मामले में अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron VanDyke शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की एक अदालत में पेश हुए। एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता और सुरक्षा विशेषज्ञ वैनडाइक अपने गृह देश की एक महीने की यात्रा के बाद कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए भारत लौटे थे।

सुनवाई के दौरान स्पेशल NIA जज प्रशांत शर्मा ने मैथ्यू वैनडाइक और उनके साथ इस मामले में आरोपी छह यूक्रेनियन नागरिकों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने इन सभी को 24 फरवरी 2027 तक भारत से बाहर रहने की अनुमति दे दी है, ताकि जांच प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे।

क्या है पूरा मामला और क्यों हुई थी गिरफ्तारी?

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इस पूरे मामले की शुरुआत 13 मार्च 2026 को हुई थी, जब वैनडाइक और छह यूक्रेनियन नागरिकों (हुरबा पेट्रो, तारास स्लीवियाक, इवान सुकमनोव्स्की, मारियन स्टेफनकिव, मैक्सिम होंचारुक और विक्टर कामिंस्की) को गिरफ्तार किया गया था। उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 के तहत आतंकी साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए गए थे।

NIA का आरोप है कि ये लोग बिना किसी वैध यात्रा दस्तावेज के मिजोरम के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार में दाखिल हुए थे। एजेंसी के मुताबिक, इनका मकसद म्यांमार के सैन्य जुंटा के खिलाफ लड़ने वाले जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्ध और तकनीक का प्रशिक्षण देना था। जांच में यह भी दावा किया गया कि ड्रोन की खेप यूरोप से भारत के रास्ते वहां भेजी गई थी।

हालांकि, कहानी में मोड़ तब आया जब 8 सितंबर 2026 को NIA ने चार्जशीट दाखिल की। इस चार्जशीट में UAPA के आरोपों को हटा दिया गया और इसके बजाय इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 21 और 23 के तहत मामला चलाया गया। इसी आधार पर, 19 सितंबर 2026 को दिल्ली कोर्ट ने 180 दिनों की वैधानिक जांच अवधि पूरी होने के बाद वैनडाइक को 1 लाख रुपये के व्यक्तिगत बॉन्ड पर डिफॉल्ट बेल दे दी थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैनडाइक ने इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के लिए 5.5 लाख रुपये का जुर्माना (compounding charges) भी भरा है। हालांकि छह यूक्रेनियन नागरिक अभी भी भारत से बाहर हैं, लेकिन वैनडाइक फिलहाल दिल्ली में हैं और जांच के दौरान जब्त किए गए अपने सामान को वापस पाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। गौरतलब है कि NIA ने स्पष्ट किया है कि UAPA की जांच अभी भी जारी है और भविष्य में पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।

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