पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक मटिया महाल बाजार में बदहाल बुनियादी सुविधाओं को सुधारने की मांग तेज

दिल्ली की जामा मस्जिद के पास स्थित ऐतिहासिक कमर्शियल हब मटिया महाल इस समय गंभीर बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। इस क्षेत्र में साफ-सफाई की भारी कमी, खतरनाक तरीके से लटके हुए बिजली और केबल के तार, और तंग गलियों में ई-रिक्शा के कारण लगने वाले भारी जाम जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मटिया महाल अपनी समृद्ध विरासत और निहारी, कबाब, बिरयानी, मुगलई व्यंजनों, शरबत-ए-मोहब्बत और कुनाफा जैसी चीजों के लिए जाना जाता है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।बाजार मटिया महाल ट्रेडर्स एसोसिएशन (बीएमएमटीए) अब इस बाजार के पुनरुद्धार के लिए एक अभियान का नेतृत्व कर रहा है और चांदनी चौक की तर्ज पर पुनर्विकास परियोजना की मांग कर रहा है।एसोसिएशन ने उठाई बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग बाजार मटिया महाल ट्रेडर्स एसोसिएशन (बीएमएमटीए) ने दिल्ली नगर निगम और संबंधित विभागों से बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए समन्वय करने की अपील की है।बीएमएमटीए के अध्यक्ष हाजी सलीमुद्दीन ने कहा कि खराब स्थिति के कारण इस इलाके की फूड डेस्टिनेशन के रूप में पहचान धूमिल हो रही है। उन्होंने एमसीडी पर स्वच्छता के प्रति लापरवाही का आरोप लगाया, जिसके कारण बड़े पैमाने पर अस्वच्छ स्थिति बनी हुई है।व्यापारियों और ग्राहकों को हो रही परेशानी बीएमएमटीए के प्रवक्ता शहजाद ने इस बात पर जोर दिया कि शाम के समय पीक ऑवर्स में ई-रिक्शा की भारी आवाजाही से दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को काफी परेशानी होती है।बीएमएमटीए के संयुक्त सचिव जावेद खान ने बताया कि दुकानों के आसपास जमा कचरा और ओवरहेड वायरिंग का जाल रोजमर्रा की व्यावसायिक बाधाएं हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि बिजली के बुनियादी ढांचे के प्रबंधन से बाजार के माहौल और कार्यप्रणाली में सुधार होगा।