मथुरा में हरियाली तीज पर BJP विधायक और DSP के बीच तीखी बहस, काफिला रोकने पर हुआ विवाद

मथुरा के वृंदावन में हरियाली तीज के मौके पर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले की कोल विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अनिल पाराशर और हाथरस जिले के सिकंदराराऊ सर्कल के DSP अमित पाठक के बीच तीखी कहासुनी का मामला सामने आया है। वृंदावन में हरियाली तीज के चलते यातायात व्यवस्था के तहत वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जा रही थी, इसी दौरान विधायक के काफिले को रोके जाने को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। इस घटना की मूल जानकारी [email protected] के माध्यम से सामने आई है। रविवार 15 अगस्त को हरियाली तीज के मौके पर वृंदावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के चलते ट्रैफिक व्यवस्था लागू थी और सौ शैया तिराहे से आगे केवल अनुमति प्राप्त वाहनों को ही जाने दिया जा रहा था।
गाड़ियों की एंट्री को लेकर हुआ विवाद
इसी दौरान अलीगढ़ की कोल विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अनिल पाराशर अपने काफिले के साथ बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के लिए वृंदावन जा रहे थे। शाम करीब 8 बजे उनका काफिला सौ शैया तिराहे पर पहुंचा। सौ शैया तिराहे पर ड्यूटी पर तैनात सिकंदराराऊ सर्कल के DSP अमित पाठक ने विधायक के काफिले में शामिल वाहनों की एंट्री को लेकर जानकारी मांगी, जिससे विधायक नाराज हो गए। विधायक अपने समर्थकों के साथ गाड़ी से नीचे उतर आए और विधायक तथा DSP के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
विधायक ने पुलिस अधिकारी से की तीखी बात
घटना के सामने आए वीडियो में विधायक पुलिस अधिकारी से तीखे अंदाज में बात करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में विधायक पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए खुद को जनप्रतिनिधि बता रहे हैं और अधिकारी से कह रहे हैं कि जनप्रतिनिधि का सम्मान किया जाए। वायरल वीडियो में विधायक सीओ अमित पाठक से नाराजगी जाहिर करते हुए वर्दी और जनप्रतिनिधि के सम्मान की बात कहते नजर आ रहे हैं। विधायक ने सीओ से कहा कि वर्दी का सम्मान कीजिए और इस दौरान उन्होंने सीओ से अभद्रता भी की, जिसके बाद दूसरे पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभाला।
यातायात नियंत्रण के दौरान बढ़ा तनाव
हरियाली तीज के दौरान वृंदावन में भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था के तहत कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की थी। इसी दौरान विधायक की गाड़ी निकालने को लेकर पुलिस अधिकारियों से विवाद हो गया और विधायक के साथ आए कार्यकर्ताओं की भी पुलिसकर्मियों से कहासुनी हुई। वीडियो में विधायक सीओ पर नाराजगी जताते हुए कई बातें कहते नजर आ रहे हैं, जिसके बाद पुलिस और राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।