दिल्ली: इंदिरा गांधी स्टेडियम में सामूहिक प्रज्ञा योग का बना रिकॉर्ड, हजारों लोगों ने एक साथ किया अभ्यास
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में ऑल वर्ल्ड गायत्री परिवार ने सामूहिक प्रज्ञा योग का रिकॉर्ड बनाया और माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी मनाई।

देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में एक अद्भुत आध्यात्मिक नजारा देखने को मिला। ऑल वर्ल्ड गायत्री परिवार के मुख्यालय, गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार ने अपने 'शताब्दी समारोह 2026' के दौरान सामूहिक प्रज्ञा योग के प्रदर्शन का एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। इस भव्य आयोजन में हजारों प्रशिक्षित साधकों ने गायत्री मंत्र के जाप के साथ प्रज्ञा योग के 16 स्टेप्स को पूरी तरह एक लय में पूरा किया, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
यह आयोजन एक साथ तीन बड़े मील के पत्थरों का जश्न था, जिसमें अखंड दीपक शताब्दी, माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी और परम पूज्य गुरुदेव श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना शताब्दी शामिल थी। शनिवार को इस तीन दिवसीय जन्म शताब्दी उत्सव की शुरुआत ध्वजारोहण और वैदिक अनुष्ठानों के साथ हुई, जिसमें पहले ही दिन 20 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए।
दिग्गजों की मौजूदगी और डाक टिकट का विमोचन
कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा और दलनायक डॉ. चिन्मय पंड्या ने संयुक्त रूप से झंडा फहराकर किया। इस मौके पर भारत सरकार द्वारा माता भगवती देवी शर्मा की स्मृति में जारी एक विशेष स्मारक डाक टिकट का विमोचन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया। इस भावुक पल के दौरान स्टेडियम में मौजूद कई लोग अपनी आंखों पर काबू नहीं रख पाए और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा।
समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि गायत्री परिवार व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और राष्ट्र निर्माण का संदेश फैला रहा है। उन्होंने जोर दिया कि यह संगठन चरित्र निर्माण और मूल्य आधारित शिक्षा के जरिए सामाजिक चेतना जगा रहा है। वहीं, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह डाक टिकट केवल एक व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि नहीं है, बल्कि उनकी विचारधारा और मातृत्व की भावना को सम्मान है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति को संरक्षित करने और महिलाओं के सम्मान की अपील की।
कार्यक्रम में भाजपा सांसद बंसुरी स्वराज ने भी हिस्सा लिया और महिला सशक्तिकरण के विषय पर चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अब भारत केवल 'महिला सशक्तिकरण' की बात नहीं करता, बल्कि 'महिला नेतृत्व वाले विकास' की ओर बढ़ रहा है, जहां महिलाएं राष्ट्र के नेतृत्व में अपनी भूमिका निभा रही हैं।