रामलीला भारत की असली पहचान, हर भारतीय दे इसका साथ: मनोज तिवारी

देश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और भगवान राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए रामलीला एक सशक्त माध्यम है। यह विचार भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव स्थित कमल सिनेमा के पास आयोजित एक रामलीला कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे किसी न किसी रूप में रामलीला के आयोजन का समर्थन करें ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी जड़ों से जुड़ी रहें।
कार्यक्रम में मौजूद मीडिया से बात करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि हम इस विशाल संसार में एक छोटी सी बूंद के समान हैं, लेकिन रामलीला जैसे आयोजनों ने ही इस राष्ट्र को भगवान राम की संस्कृति में पिरोया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर भारतीय का यह कर्तव्य है कि वह रामलीला का साथ दे। तिवारी ने बताया कि समर्थन के कई तरीके हो सकते हैं; कोई दर्शक बनकर, कोई कलाकार बनकर, तो कोई दानदाता या निर्देशक के रूप में अपना योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि जब लोगों के भीतर 'रामत्व' जागृत होगा, तो उनके अंदर का रावण अपने आप नष्ट हो जाएगा।
युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की अपील
इस अवसर पर भाजपा विधायक और गायिका मैथिली ठाकुर ने भी शिरकत की। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें। मैथिली ठाकुर ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हम ऐसे देश में पैदा हुए जहाँ बच्चों का पालन-पोषण राम की शिक्षाओं के साथ होता है। उन्होंने कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए युवाओं से ऐसे कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की।
वहीं, भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने बताया कि श्री राम धार्मिक रामलीला समिति पिछले 36 वर्षों से इस आयोजन को सफलतापूर्वक कर रही है, जिसे हर साल भारी भीड़ का समर्थन मिलता है। उन्होंने कहा कि आज का युवा अपनी सनातन जड़ों और इतिहास को जानने के लिए उत्सुक है। उपाध्याय के मुताबिक, भगवान राम भारत के कण-कण में बसे हैं और इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य दिल्ली और विशेषकर उनके विधानसभा क्षेत्र के युवाओं को सनातन संस्कृति और धार्मिक विश्वासों से जोड़े रखना है।