मनोज मदान की नई पुस्तक डिप्टी सेकंड टू नन का नई दिल्ली में हुआ विमोचन

दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में शनिवार को कॉर्पोरेट जगत के लेखक और वक्ता मनोज मदान की नई पुस्तक डिप्टी सेकंड टू नन का आधिकारिक विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज और गणमान्य लोग शामिल हुए। पुस्तक में संस्थानों को पर्दे के पीछे से चलाने वाले दूसरे और तीसरे स्थान के अधिकारियों यानी डिप्टी की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई है। लेखक ने कहा कि डिप्टी का पद केवल सीढ़ी नहीं है, बल्कि स्थायी संस्थागत प्रदर्शन के लिए यह बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत के कई दिग्गजों ने अपने विचार रखे। नासकॉम की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट संगीता गुप्ता ने तकनीक और सेवा उद्यमों में चपलता बनाए रखने में ऑपरेशनल डिप्टी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। वहीं, आईसीएआई के पूर्व अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा ने वित्त पेशेवरों को किसी भी उद्यम की रीढ़ बताया। एसआरसीसी की वाइस प्रिंसिपल डॉ. अरुणा झा और ईवाई जीडीएस के सीनियर पार्टनर सर्वेश माथुर ने भी संस्थागत निर्माण और कॉर्पोरेट संतुलन पर अपने विचार साझा किए।
इस सत्र में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के विशेषज्ञ अजय बग्गा और हरे कृष्ण मूवमेंट नोएडा के डिवीजनल हेड भूरिणा दास ने भी भाग लिया और सपोर्टिंग योगदान के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके अलावा, कार्यकारी वेलनेस कोच पूनम मदान ने दूसरे स्तर के नेतृत्व के सामने आने वाली मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों और भावनात्मक दबाव पर बात की। उन्होंने आंतरिक संतुलन और भावनात्मक बुद्धिमत्ता को पेशेवर सहनशीलता के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम का प्रकाशन वॉलनट पब्लिकेशन द्वारा किया गया है।